रायपुर पुलिस की नई पहल : “नवोदय – नई सुबह की ओर” कार्यक्रम का शुभारंभ

रमेश गुप्ता रायपुर..बाल अपराध रोकने और बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल UNICEF एवं Council for Social Justice के सहयोग से रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा “नवोदय – नई सुबह की ओर” कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य विधि से संघर्षरत बालकों (Children in Conflict with Law) का पुनर्वास कर उन्हें दोबारा अपराध की दुनिया में जाने से रोकना है।
यह कार्यक्रम 16 मई को शुरू किया गया, जिसमें बच्चों के सामाजिक, मानसिक और पारिवारिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
क्या है “नवोदय – नई सुबह की ओर” कार्यक्रम
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है, जो किसी न किसी रूप में आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं या किशोर न्याय प्रक्रिया से गुजर रहे हैं।
कार्यक्रम के तहत बच्चों के व्यवहार, पारिवारिक परिस्थितियों, रहन-सहन और मानसिक स्थिति का अध्ययन कर उन्हें सकारात्मक दिशा देने का प्रयास किया जाएगा। इसके माध्यम से बच्चों को शिक्षा, परामर्श और सरकारी योजनाओं से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने की योजना बनाई गई है।


“डाइवर्जन प्रोग्राम” के जरिए होगा सुधार
कार्यक्रम के प्रथम चरण में डाइवर्जन प्रोग्राम लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत बच्चों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का अध्ययन किया जाएगा।
जरूरतमंद बच्चों को काउंसलिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
बाल कल्याण अधिकारियों एवं किशोर न्याय बोर्ड के माध्यम से विधिक सहायता दी जाएगी।
बच्चों को अपराध से दूर कर सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
08 विभाग मिलकर करेंगे काम
इस अभियान में जिला प्रशासन सहित कुल 08 विभागों को जोड़ा गया है, जिनमें शिक्षा विभाग महिला एवं बाल विकास विभाग स्वास्थ्य विभाग श्रम विभाग बाल कल्याण समिति किशोर न्याय बोर्ड.अन्य सहयोगी संस्थाएं शामिल हैं। इन सभी विभागों के समन्वय से बच्चों और उनके परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कल्याणकारी सेवाओं का लाभ दिलाया जाएगा।
वॉलिंटियर्स और मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ निभाएंगे अहम भूमिका
Council for Social Justice और UNICEF के वॉलिंटियर्स बच्चों और उनके परिवारों को आवश्यक परामर्श देंगे तथा उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेंगे।
आगामी चरणों में मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, जो बार-बार छोटे अपराधों में शामिल पाए जाने वाले बच्चों की नियमित काउंसलिंग करेंगे। इसके साथ ही अभिभावकों की भी काउंसलिंग कर अपराध प्रवृत्ति को खत्म करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इन थाना क्षेत्रों से होगी शुरुआत
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा प्रारंभिक रूप से जिन थाना क्षेत्रों का चयन किया गया है, उनमें तेलीबांधा
गंज,खमतराई,टिकरापारा,डीडी नगर
शामिल हैं। इन क्षेत्रों में चिन्हित बच्चों के पुनर्वास एवं सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर डॉ संजीव शुक्ला, अमित तुकाराम कांबले, डॉ अर्चना झा, रुचि वर्मा, नंदिनी ठाकुर सहित पुलिस अधिकारी, बाल कल्याण अधिकारी एवं वॉलिंटियर्स उपस्थित रहे।
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डॉ संजीव शुक्ला ने अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को सकारात्मक वातावरण दें, उनकी गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
उन्होंने कहा कि बच्चों का सुरक्षित और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए परिवार, समाज और प्रशासन सभी की सहभागिता जरूरी है।

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