डुप्लीकेट चाबी, बदला नंबर और दिल्ली तक पीछा… ऐसे हुआ वेन्यू कार चोरी का खुलासा

खरसिया से चोरी हुई कार दिल्ली में मिली, रायगढ़ पुलिस की इंटरस्टेट कार्रवाई
रायगढ़..चोरी हुई एक वेन्यू कार को दिल्ली से बरामद कर रायगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह के तौर-तरीकों का बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पेशे से कार मैकेनिक है और जिसने महीनों पहले ही कार की डुप्लीकेट चाबी तैयार कर पूरी वारदात की साजिश रच डाली थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के बाद वाहन का नंबर प्लेट बदलकर दिल्ली में चला रहा था और जल्द ही डेंट-पेंट कर दूसरे राज्य में बेचने की तैयारी में था। लेकिन तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए रायगढ़ पुलिस ने आरोपी तक पहुंचकर पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
घर के सामने से गायब हुई थी वेन्यू कार


मामले की शुरुआत 6 मई 2026 को हुई, जब खरसिया निवासी संदीप कुमार ने पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी उपयोग में आने वाली वेन्यू कार क्रमांक CG 04 MT 7666 घर के सामने से चोरी हो गई है। शिकायत पर थाना खरसिया में अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की। फुटेज में वाहन को एक होटल तक जाते देखा गया। होटल स्टाफ से पूछताछ और वहां जमा दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मिली। तकनीकी विश्लेषण के दौरान उसका मोबाइल लोकेशन दिल्ली क्षेत्र में सक्रिय पाया गया।
हादसे में टूटी कार बनी चोरी की वजह
जांच के दौरान एक अहम जानकारी तब सामने आई जब वाहन स्वामी विजय ने पुलिस को बताया कि नवंबर 2025 में कार दुर्घटनाग्रस्त हुई थी और उसकी मरम्मत दिल्ली के एक मैकेनिक से कराई गई थी।
यहीं से पुलिस को शक की नई दिशा मिली। संभावना जताई गई कि मरम्मत के दौरान ही कार की डुप्लीकेट चाबी तैयार की गई होगी। सूचना मिलते ही प्रधान आरक्षक शिव कुमार वर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम दिल्ली रवाना की गई।
तीन दिन तक दिल्ली में तलाश, फिर आरोपी गिरफ्त में
दिल्ली पहुंची पुलिस टीम ने लगातार तीन दिन तक अलग-अलग ठिकानों पर तलाश की। आखिरकार आरोपी मोहम्मद आमिर को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने पहले ही वाहन की डुप्लीकेट चाबी बना ली थी और कार के जीपीएस सिस्टम की जानकारी होने के कारण योजनाबद्ध तरीके से खरसिया पहुंचकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
आरोपी ने यह भी कबूल किया कि उसने कार का मूल नंबर बदलकर दिल्ली की नंबर प्लेट लगा दी थी ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके।
एमसीडी पार्किंग से बरामद हुई चोरी की कार
आरोपी की निशानदेही पर दिल्ली के एमसीडी पार्किंग क्षेत्र से चोरी गई वेन्यू कार बरामद की गई। पुलिस के अनुसार वाहन की कीमत करीब 6 लाख रुपये है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कार को डेंट-पेंट करवाकर दूसरे राज्य में बेचने की तैयारी में था। मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी की धारा 318 बीएनएस भी जोड़ी है।
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद आमिर (39 वर्ष), पिता मुस्ताक हुसैन, निवासी शाहदरा दिल्ली एवं वर्तमान निवास लोनी गाजियाबाद को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
तकनीकी जांच और साइबर ट्रैकिंग बनी सफलता की कुंजी
पूरे ऑपरेशन में चौकी खरसिया पुलिस और साइबर टीम की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, होटल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का समन्वित विश्लेषण कर आरोपी तक पहुंच बनाई।
कार्रवाई में प्रधान आरक्षक शिव कुमार वर्मा, आरक्षक कीर्ति सिदार, आरक्षक केशव चौहान और साइबर सेल के आरक्षक धनंजय कश्यप की विशेष भूमिका रही।
एसएसपी का सख्त संदेश
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में संपत्ति संबंधी अपराध करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों न हो, रायगढ़ पुलिस तकनीकी जांच, प्रोफेशनल पुलिसिंग और मुखबिर तंत्र के जरिए उसे कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में सक्षम है।

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