ग्वालियर। कोरोना और डेंगू के बाद अब मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक और खतरनाक बीमारी ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। शहर में ‘स्क्रब टाइफस’ (Scrub Typhus) का पहला मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। यहां के तिकोनिया इलाके में रहने वाले एक 22 साल के युवक में इस जानलेवा बीमारी की पुष्टि हुई है। हालत गंभीर होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला अस्पताल के ICU में चल रहा इलाज
तिकोनिया निवासी तालिब (22 वर्ष) को पिछले कुछ दिनों से तेज बुखार था। जब उसने मुरार जिला अस्पताल पहुंचकर अपनी जांच करवाई, तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। टेस्ट में उसे ‘स्क्रब टाइफस’ होने की बात सामने आई। युवक की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत आईसीयू (ICU) में शिफ्ट कर दिया है। फिलहाल मेडिसिन विशेषज्ञों की एक टीम चौबीसों घंटे उसकी निगरानी कर रही है।
क्या है यह बीमारी और कैसे फैलती है?
यह बीमारी किसी वायरस से नहीं, बल्कि घास और झाड़ियों में रहने वाले एक खास सूक्ष्म कीड़े (लार्वल माइट) के काटने से फैलती है।
- यह लाल रंग का बेहद छोटा कीड़ा होता है, जो आमतौर पर खेतों और मवेशियों के आसपास पाया जाता है।
- इस कीड़े के काटने पर मरीज को तेज बुखार, असहनीय सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द होने लगता है।
- शरीर की त्वचा पर चकत्ते या काले रंग के निशान (Eschar) पड़ जाते हैं।
जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
डॉक्टरों का कहना है कि स्क्रब टाइफस को हल्के में लेना जानलेवा हो सकता है। अगर सही समय पर इलाज न मिले, तो मरीज को पीलिया हो सकता है। इसके अलावा लिवर और किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है, जो बाद में ‘मल्टी ऑर्गन फेलियर’ का रूप ले लेता है।
रिपोर्टर की सलाह: अगर आप खेतों या हरी घास वाले इलाकों में जाते हैं, तो पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। घर के आसपास झाड़ियां न उगने दें। यदि तेज बुखार के साथ शरीर पर कोई काला निशान दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।