मऊगंज। मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हनुमना जनपद की ग्राम पंचायत बलभद्रगढ़ के ग्राम सचिव शरदचन्द्र गिरी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सचिव विकास कार्यों के भुगतान के बदले कमीशन मांग रहा था। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, मामला पीसीसी सड़क और पुलिया निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ है। ग्राम पंचायत में हुए निर्माण कार्यों के भुगतान के लिए सरपंच पति प्रकाश यादव लगातार सचिव से संपर्क कर रहे थे। भुगतान प्रक्रिया पूरी करने के लिए डीएससी सिग्नेचर और ओटीपी जनरेट करना जरूरी था, लेकिन सचिव ने बिना रिश्वत लिए फाइल आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।
1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग
शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम सचिव शरदचन्द्र गिरी ने कुल 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। सचिव का कहना था कि कमीशन दिए बिना भुगतान संभव नहीं होगा। इससे परेशान होकर फरियादी ने पूरे मामले की शिकायत EOW रीवा कार्यालय में की।
EOW टीम ने शिकायत का सत्यापन किया। जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। तय योजना के तहत जैसे ही आरोपी सचिव ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 10 हजार रुपये लिए, EOW की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
DSP किरण किरो के नेतृत्व में कार्रवाई
इस कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक (DSP) किरण किरो ने किया। टीम में निरीक्षक मोहित सक्सेना समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल तेज हो गई है। EOW ने साफ संकेत दिए हैं कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।