लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक आई बेमौसम बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान चली गई है और पशुओं व संपत्ति का भी काफी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मुआवजे के लिए 24 घंटे की डेडलाइन
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि राहत कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश दिया है कि आंधी और बिजली गिरने से प्रभावित हुए पीड़ितों को अगले 24 घंटे के भीतर सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि वे खुद मौके पर जाकर नुकसान का जायजा लें और पीड़ितों की हर संभव मदद करें।
सर्वे के बाद तुरंत मिलेगी मदद
योगी सरकार ने राजस्व और कृषि विभाग के साथ-साथ बीमा कंपनियों को भी काम पर लगा दिया है। खेतों में फसल के नुकसान का सर्वे जल्द से जल्द पूरा कर शासन को रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के समुचित इलाज के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए हैं।
इन जिलों में मची सबसे ज्यादा तबाही
प्रदेश के कई जिलों से दुखद खबरें सामने आ रही हैं:
- भदोही: यहाँ बिजली गिरने से 3 लोगों की जान चली गई, जबकि आंधी-तूफान के कारण कुल 12 लोगों की मौत की खबर है।
- बदायूं: कुदरत के कहर ने यहाँ 6 लोगों की जान ले ली है।
- संभल और उन्नाव: इन दोनों जिलों में भी तेज आंधी और बारिश के चलते 2-2 लोगों की मौत हुई है।
प्रशासन को ‘अलर्ट मोड’ पर रहने की चेतावनी
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी चौबीसों घंटे सक्रिय रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जैसे ही नुकसान का आंकलन पूरा हो, तुरंत मुआवजा राशि पीड़ितों के बैंक खातों में भेजी जाए। ग्रामीण इलाकों में फसलों के नुकसान को लेकर किसान काफी चिंतित हैं, जिन्हें ढांढस बंधाते हुए सरकार ने जल्द राहत देने का भरोसा दिया है।