एम्स में स्टाफ नर्स की नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, कॉलेज मित्र लखनऊ से गिरफ्तार

रमेश गुप्ता भिलाई… नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को वैशाली नगर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने कॉलेज मित्र को रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 14 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए थे।
बड़े अधिकारियों से पहचान बताकर किया गुमराह
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर के अनुसार वृंदा नगर कैम्प-1 निवासी मुकेश कोसरे ने थाना वैशाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसका कॉलेज मित्र अभिषेक जयसवाल खुद की पहचान बड़े अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों से होना बताता था।
आरोपी ने रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और ज्वाइनिंग लेटर दिलाने का आश्वासन देकर रकम की मांग की।
किश्तों में लिए 14.50 लाख रुपये
प्रार्थी आरोपी के झांसे में आ गया और सितंबर 2021 से अक्टूबर 2022 के बीच अपने एसबीआई खाते से अलग-अलग किश्तों में कुल 14 लाख 50 हजार रुपये आरोपी को दे दिए। रकम लेने के बाद आरोपी लगातार ज्वाइनिंग लेटर देने और पैसे लौटाने के नाम पर टालमटोल करता रहा।
कुछ समय बाद आरोपी अचानक अपने निवास से फरार हो गया, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस की शरण ली।
साइबर सेल की मदद से लखनऊ में मिला सुराग
थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा ने बताया कि मामले में धारा 420 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपी की तलाश के लिए साइबर सेल भिलाई की मदद ली गई। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया।
जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मिली। इसके बाद पुलिस टीम को तत्काल रवाना किया गया।
घेराबंदी कर दबोचा गया आरोपी
लखनऊ पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी अभिषेक जयसवाल को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया और उसे भिलाई लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने 10 मई 2026 को आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने आम लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को बिना सत्यापन के रकम न दें। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।
तकनीकी जांच बनी गिरफ्तारी की बड़ी वजह
इस कार्रवाई में थाना वैशाली नगर पुलिस और साइबर सेल भिलाई की भूमिका अहम रही। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की मदद से लंबे समय से फरार आरोपी तक पुलिस पहुंचने में सफल रही।

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