तेंदूपत्ता संग्राहकों की सुरक्षा और बच्चों की शिक्षा के लिए आगे आया वन विभाग: जिला लघु वनोपज संघ द्वारा योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार

चारामा | छत्तीसगढ़ सरकार और जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित, कांकेर के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वन विभाग द्वारा इन योजनाओं का जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि अंतिम व्यक्ति तक इसका लाभ पहुँच सके।
​राजमोहिनी देवी सामाजिक सुरक्षा योजना: परिवार को मिलेगा ₹4 लाख तक का कवच
​संग्राहक परिवार के मुखिया की मृत्यु या अपंगता की स्थिति में यह योजना एक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करती है।
​पात्रता: पिछले 2 वर्षों में न्यूनतम 500-500 गड्डी का संग्रहण करने वाले 18 से 59 वर्ष की आयु के संग्राहक।
​बीमा लाभ: 18 से 50 वर्ष की आयु के बीच दुर्घटना मृत्यु पर ₹4,00,000, प्राकृतिक मृत्यु पर ₹2,00,000 और पूर्ण अपंगता पर ₹2,00,000 तक की सहायता राशि का प्रावधान है। 50 से 59 वर्ष की आयु वर्ग के लिए भी अलग-अलग स्लैब में सहायता दी जाती है।
​अन्य सदस्यों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना
​मुखिया के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों (18-60 वर्ष) के लिए भी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इस योजना के तहत सदस्य की प्राकृतिक या दुर्घटना मृत्यु होने पर ₹12,000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके लिए भी पिछले 2 वर्षों में 500-500 गड्डी संग्रहण की पात्रता अनिवार्य है।
​शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन: छात्रवृत्ति योजनाएं
​वन विभाग संग्राहक परिवारों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए ‘शिक्षा से सशक्तिकरण’ अभियान चला रहा है:
​व्यावसायिक कोर्स छात्रवृत्ति: इंजीनियरिंग, मेडिकल जैसे प्रोफेशनल कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रथम वर्ष में ₹10,000 और आगामी वर्षों में ₹5,000 वार्षिक छात्रवृत्ति दी जा रही है।
​गैर-व्यावसायिक छात्रवृत्ति: सामान्य स्नातक कोर्स करने वाले छात्र-छात्राओं को भी प्रथम वर्ष में ₹5,000 और इसके बाद के वर्षों में ₹3,000 से ₹4,000 तक की सहायता दी जाती है।
​विभाग की अपील: “जागरूक बनें, सुरक्षित रहें”
​जिला लघु वनोपज संघ, कांकेर और चारामा वान विभाग ने सभी हितग्राहियों से अपील की है कि वे इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी और लाभ के लिए अपनी नजदीकी समिति या संघ कार्यालय से संपर्क करें। विभाग का लक्ष्य है कि “पढ़ेगा तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार, बनेगा सशक्त और आत्मनिर्भर।”
​रिपोर्ट: अनूप वर्मा

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