सरायपाली लोक अदालत में 687 प्रकरणों में 4करोड़ रुपए का अवॉर्ड पारित

0 भीषण गर्मी के बावजूद पक्षकारों में उत्साह 0
0 लोक अदालत की विश्वसनीयता बरकरार 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली= सरायपाली में आयोजित इस वर्ष के दूसरे लोक अदालत शिविर में भीषण गर्मी के बावजूद 687 प्रकरणों को आपसी समझौते व सहयोग के माध्यम से निराकरण किया गया । इन प्रकरणों में 4 करोड़ से अधिक के अवॉर्ड पारित किए गए । पक्षकारों में आपस में संतुष्टि व विश्वास दिखाई दिया । लोक अदालत के दौरान सभी मजिस्ट्रेट व न्यायधीशों द्वारा स्थलो में जाकर तैयारियों का जायजा भी लिया । लोगो के उत्साहवर्धन हेतु एडीजे वंदना दीपक देवांगन व वैभव धृतलहरे (न्यायिक मजिस्ट्रेट)द्वारा स्वास्थ्य विभाग के काउंटर में जाकर अपना खून व बीपी भी बीएमओ नायक द्वारा चेक किया गया ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम श्रीमती वंदना दीपक देवांगन (प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरायपाली) , पंकज आलोक तिर्की
(द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरायपाली) , वैभव घृतलहरे
(न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरायपाली)
तथा प्रगति गुर्दे (न्यायिक मजिस्ट्रेट कनिष्ठ श्रेणी सरायपाली) द्वारा दीप प्रज्ज्वलित व माल्यार्पण कर किया गया । अपने संक्षिप्त उद्बोधन में एडीजे श्रीमती वंदना दीपक देवांगन ने कहा कि लोक अदालत का आयोजन पक्षकारों के बीच आपसी सुलह , समझ , भागीदारी , विश्वास व प्रयास के अभाव में सफलता नहीं मिलती । सभी के प्रयासों से हमें इसे सफल बनाते हुवे अधिक से अधिक प्रकरणों को आपसी समझौते के तहत निपटने के लिए ही लोक अदालत शिविर लगाया जाता है ताकि इसका सर्वाधिक लाभ सभी उठा सकें ।


कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता भूपेंद्र भोई व देवेंद्र शर्मा द्वारा भी संबोधित किया गया ।

  आज 09 मई 2026 को  न्यायालय भवन  में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। नेशनल लोक अदालत की उक्त 04  खण्डपीठों में श्रमिक विवाद, बैंक रिकवरी प्रकरण, विद्युत एवं देयको के अवशेष बकाया की वसूली और राजीनामा योग्य अन्य मामले के बकाया की वसूली संबंधी प्री-लिटिगेशन मामले, राजस्व न्यायालयों से संबंधित प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये थे। उक्त मामलों के अलावा राजीनामा योग्य दांडिक प्रकरण, परक्राम्य लिखत अधि0 की धारा-138 के अधीन परिवाद पर संस्थित मामले, मोटर दुर्घटना दावा संबंधी मामले तथा विद्युत अधिनियम 2003 की धारा-135 (क) के तहत विद्युत चोरी के मामले, सिविल मामले भी नियत किये गये थे। उक्त खण्डपीठों में उपरोक्त सभी मामलों की सुनवाई करते हुए सरायपाली न्यायालयों में प्रकरणों का निराकरण किया गया।    
          इसी प्रकार खण्डपीठ क्रमांक 01 वंदना दीपक देवांगन प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के  न्यायालय में बिजली विभाग के प्री-लिटिगेशन संबंधीत मामलों में  विद्युत से संबंधित 30 प्रकरणों में 5,77,000/-,  मोटर दावा दुर्घटना के 04 प्रकरण 56,20,000 कुल 61,97,000 रुपये का निराकरण किया गया।

खंडपीठ 02 पंकज आलोक तिर्की दुतीय अपर सत्र न्यायाधीश सरायपाली के न्यायालय में 02 mact में 31,50,000 रुपये, बैंक प्रिलिटिगेशन के 04 प्रकरण में 4,06,000 रुपये का निराकरण किया गया।

खंडपीठ क्रमांक 03 वैभव घृतलहरे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सरायपाली के न्यायालय में धारा 138 के 03 प्रकरण में 13,43,497 रुपये, दाण्डिक के 02 प्रकरण , सिविल के 02 प्रकरण में 5,50,000 रुपये एवम समरी 439 प्रकरणों में 49,300 रुपये

क्रमांक 04 सुश्री कुमारी प्रगति गुर्दे न्यायिक मजिस्ट्रेट सरायपाली के न्यायालय में धारा 138 के 01 प्रकरण में 28,000 रुपये समरी 200 प्रकरणों 20,000 रुपये, के राशि साथ निराकरण किया गया। इस तरह 4 खंडपीठों में 687 प्रकरणों में कुल 40093797 रुपए का अवॉर्ड पारित किया गया ।
लोक अदालत में बाहर से आये पक्षकारो व अधिकारी कर्मचारियों के लिए रुद्रेश्वरी मंदिर ट्रस्ट सिंघोड़ा के द्वारा भोजन व्यवस्था की गई थी । स्वयं एडीजे श्रीमती वंदना दीपक देवांगन व अन्य मजिस्ट्रेट व न्यायधीशों द्वारा पक्षकारों को अपने हाथों भोजन परोसा गया ।
मंच का संचालन विधिक कर्मचारी राकेश मिश्रा द्वारा किया गया ।

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