दुर्ग
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अहिवारा के पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक बुजुर्ग महिला से भूमि बंटवारे के नाम पर 45 हजार रुपये की रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई है। प्रशासन ने वीडियो की सत्यता की जांच कराई, जिसमें पटवारी दोषी पाया गया।
कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार अहिवारा ने मामले की विस्तृत जांच की। जांच के दौरान प्रार्थी अमन कुमार टंडन और आरोपी पटवारी लेकेश्वर के बयान दर्ज किए गए। साक्ष्यों से पुष्टि हुई कि प्रार्थी ने अपनी मां की जमीन के बंटवारे के काम के लिए पटवारी को मोटी रकम दी थी। पटवारी ने अपने लिखित कथन में स्वीकार किया कि उसने पक्षकार से पैसे लिए थे। हालांकि, पटवारी ने बचाव में यह अजीब तर्क दिया कि वह वेतन मिलने के बाद यह राशि वापस करने वाला था।
एसडीएम महेश राजपूत ने जांच रिपोर्ट के आधार पर पटवारी की इस कार्यशैली को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियमों का उल्लंघन माना है। इसे गंभीर कदाचरण की श्रेणी में रखते हुए पटवारी को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया गया। निलंबन की अवधि के दौरान पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय धमधा नियत किया गया है और उसे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से राजस्व विभाग के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम जनता को परेशान करने वाले और भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों के भीतर यह बड़ी कार्यवाही अंजाम दी गई है।