उज्ञांव जनसमस्या निवारण शिविर में 70 आवेदनों का मौके पर निराकरण, 7 गांवों के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कोरिया, 08 मई 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत सोनहत जनपद पंचायत के दूरस्थ ग्राम उज्ञांव में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। विशेष बात यह रही कि शिविर का आयोजन बरगद एवं साल के पेड़ों की छांव में खुले मैदान में किया गया, जहाँ विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी गई।
विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को प्रदान किया जाता है तथा योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए संबंधित विभागीय कार्यालयों से संपर्क किया जा सकता है।
जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि शिविर में प्राप्त आवेदनों को ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इसके पूर्व संबंधित विभागों द्वारा आवेदनों को स्कैन कर परीक्षण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, ताकि यथासंभव त्वरित निराकरण किया जा सके।
अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र वैद्य ने किसानों एवं ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि एग्रीस्टेक पंजीयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिना एग्रीस्टेक पंजीयन के किसानों को केंद्र एवं राज्य शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पटवारी अथवा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जाकर आवश्यक दस्तावेज एवं पंजीकृत मोबाइल नंबर के साथ पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण करें। साथ ही महतारी वंदन योजना की हितग्राहियों से समय पर ई-केवाईसी कराने का आग्रह किया गया।
शिविर में विभिन्न विषयों से संबंधित लगभग 489 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से करीब 70 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस अवसर पर कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही “मोर गांव मोर पानी” अभियान के अंतर्गत 5 प्रतिशत मॉडल के तहत सोख्ता गड्ढा निर्माण करने वाले किसानों एवं पंच-सरपंचों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्रियों का वितरण भी किया गया।
जनसमस्या निवारण शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, संयुक्त कलेक्टर एवं एसडीएम सोनहत अमित गुप्ता, जनपद पंचायत सोनहत के सीईओ मनोज सिंह जगत, विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों सहित ग्राम उज्ञांव, अमृतपुर, सिंघोर, नटवाही, रामगढ़, आनंदपुर एवं दसेर के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।