इजराइल-ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान ने माना भारत का लोहा, पेट्रोलियम मंत्री बोले- भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने हम कहीं नहीं टिकते

मध्य पूर्व में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति ठप होने से मचे वैश्विक हाहाकार के बीच पाकिस्तान ने भारत की आर्थिक ताकत को स्वीकार किया है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने स्वीकार किया कि भीषण संकट के बावजूद भारत अपनी मजबूत नीतियों और विशाल विदेशी मुद्रा भंडार के कारण स्थिर बना हुआ है। मलिक के अनुसार भारत के पास 600 अरब डॉलर से अधिक का मुद्रा भंडार और रणनीतिक तेल स्टोरेज मौजूद है जिसने उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचा लिया। उन्होंने भारतीय सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके पास टैक्स कम करके जनता को राहत देने की वित्तीय क्षमता है जो पाकिस्तान के पास कतई नहीं है।

आईएमएफ की कड़वी शर्तों और कर्ज के जाल में फंसा पाकिस्तान

अपनी बेबसी जाहिर करते हुए पाकिस्तानी मंत्री ने बताया कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की सख्त शर्तों के कारण अपने हाथ पैर नहीं हिला पा रहा है। जहां भारत अपनी मर्जी से फैसले ले रहा है वहीं पाकिस्तान को जनता को मामूली राहत देने के लिए भी आईएमएफ के सामने गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। डीजल और पेट्रोल पर भारी टैक्स थोपना पाकिस्तान की मजबूरी बन चुकी है क्योंकि समझौते तोड़ने पर देश के और बुरे हालात हो सकते थे। मलिक ने स्पष्ट किया कि भारत आईएमएफ के किसी कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है इसलिए वह स्वतंत्र है जबकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बाहरी दानदाता एजेंसियों की बैसाखी पर टिकी है।

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