संतोष नामदेव
गौरेला पेंड्रा मरवाही
थाना गौरेला में विगत 9 अप्रैल को मोहल्ले वासियों ने आवेदन प्रस्तुत किया था जिसमें लगभग 30 रहवासियों के हस्ताक्षर किए गए हैं परंतु 21 दिनों के बाद भी उस मामले में थाना गौरेला की ओर से कोई पहल नहीं की गई, पुलिस ने मौके पर जाकर देखने की भी आवश्यकता महसूस नहीं कीलोगों को अब ऐसा लग रहा है पुलिस के पास समय का अभाव है इच्छा शक्ति का अभाव है या राजनीतिक दबाव है आवेदन पत्र के अनुसार
सभी मोहल्लेवासी, निवासी मंगली बाज़ार, शिशु मंदिर रोड, गौरेला, आपके संज्ञान में यह गंभीर विषय लाना चाहते हैं कि मोहल्ले में स्थित एक छोटे मोहन लाल साहू के निजी खाली ग्राउंड में 5 से 10 वर्ष तक के बच्चे टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते हैं।
उक्त ग्राउंड के समीप श्री संतोष ताम्रकार का निवास है। पिछले लगभग 3 वर्षों से वे एवं उनका परिवार बच्चों के साथ लगातार गाली-गलौज, पत्थर मारना एवं छत से काँच फेंकने जैसी खतरनाक हरकतें करते आ रहे हैं, जिससे कई बार बच्चे घायल भी हो चुके हैं।

दिनांक: 08/04/2026 (आज की घटना) को भी जब बच्चे उक्त ग्राउंड में खेल रहे थे, तब संतोष ताम्रकार के पुत्र पवन ताम्रकार ने बच्चों के हाथ से क्रिकेट बैट छीन लिया और उसे तोड़ दिया, जिससे बैट के दो टुकड़े हो गए।
इस घटना से छोटे-छोटे बच्चों के मन में अत्यधिक भय, दहशत एवं असुरक्षा का माहौल बन गया है। बच्चे अब डर के कारण खेलने से भी घबराने लगे हैं।
महोदय, यह कृत्य न केवल बच्चों के साथ मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न है, बल्कि उनकी जान-माल की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।
अतः आपसे निवेदन है कि श्री संतोष ताम्रकार एवं उनके पुत्र पवन ताम्रकार के विरुद्ध उचित कानूनी कार्यवाही की जाए एवं भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाने हेतु सख्त कदम उठाए जाएं।
मकान मालिक संतोष ताम्रकार के द्वारा भी गौरेला थाने में आवेदन दिया गया था जिसके अनुसार बच्चों के क्रिकेट खेलने से उनके घर में टूट फूट होती है एवं बच्चों के अभिभावक के द्वारा गाली गलौज करने की शिकायत की गई है
बॉक्स मेटर,,,,
घटना के दिन ही अखिलेश अग्रवाल बच्चों के साथ शिकायत करने थाना गौरेला पहुंचे थे परंतु थाने में उपस्थित आरक्षक के द्वारा दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता के माध्यम से क्रिकेट पिच की दिशा बदलने को कहा परंतु यदि दिशा बदली जाती है तो बॉल झाड़ियां में जाएगी जिससे बच्चों के जख्मी होने का खतरा रहता है आसपास ऐसा कोई मैदान भी नहीं है जहां बच्चे खेलकूद कर सकें माधव राव सप्रे महाविद्यालय स्टेडियम में बड़े खिलाड़ियों के कारण छोटे बच्चे नहीं खेल पाते हैं वहीं मिशन ग्राउंड में आए दिन मीना बाजार या मेले का आयोजन किया जाता है