बीजापुर। वनमण्डल बीजापुर अंतर्गत तेंदूपत्ता सीजन 2026 की शुरुआत 1 मई 2026 से होने जा रही है, लेकिन इससे ठीक पहले संभावित हड़ताल ने शासन की चिंता बढ़ा दी थी। प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति प्रबंधक संघ द्वारा 8 सूत्रीय मांगों को लेकर 27 अप्रैल 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया गया था, जिससे तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य प्रभावित होने और शासन को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही थी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 29 अप्रैल 2026 को एस्मा (Essential Services Maintenance Act) लागू कर दिया है। इस आदेश के तहत तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े सभी कर्मचारी एवं प्रबंधकों को अत्यावश्यक सेवाओं में शामिल किया गया है। सरकार द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि: तेंदूपत्ता सीजन 2026 में लगे सभी कर्मचारी और प्रबंधक आवश्यक सेवा में माने जाएंगे।
कोई भी कर्मचारी या प्रबंधक अपने कार्य के निष्पादन से इंकार नहीं कर सकेगा। यह आदेश राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से आगामी तीन माह तक प्रभावी रहेगा।
संग्राहकों के हित में निर्णय
शासन का यह कदम सीधे तौर पर उन हजारों ग्रामीण और वनवासियों के हित में माना जा रहा है, जिनकी आजीविका तेंदूपत्ता संग्रहण पर निर्भर करती है। हड़ताल की स्थिति में जहां उनकी आय प्रभावित होती, वहीं अब समय पर तेंदूपत्ता तोड़ाई शुरू होने से उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिलेगी।
आर्थिक गतिविधि पर बड़ा असर
तेंदूपत्ता छत्तीसगढ़ की प्रमुख लघु वनोपज में शामिल है और हर साल इससे करोड़ों का व्यापार होता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की बाधा न केवल संग्राहकों बल्कि पूरे वन अर्थतंत्र को प्रभावित कर सकती थी।
संदेश साफ — काम नहीं रुकेगा – डीएफओ
बीजापुर के डीएफओ आर के जांगड़े ने बताया की शासन के इस फैसले से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि जरूरी सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तेंदूपत्ता सीजन को हर हाल में सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा।
