डोंगरगढ़ और राजनांदगांव के बीच ट्रैफिक विभाग के ई-चालान सिस्टम का एक ऐसा कारनामा सामने आया है जिसे सुनकर कोई भी सिर पकड़ लेगा। राजनांदगांव निवासी अमित गौतम उस वक्त सन्न रह गए जब उनकी लग्जरी एक्सयूवी 700 कार का चालान बिना हेलमेट वाहन चलाने के जुर्म में काट दिया गया। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि रजिस्ट्रेशन नंबर सीजी 04 क्यूएम 9295 पर न केवल अमित की कार रजिस्टर्ड है बल्कि इसी नंबर पर एक दोपहिया वाहन भी सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहा है। सिस्टम की इस अंधी कार्रवाई ने डिजिटल निगरानी और एएनपीआर तकनीक की सटीकता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं जिससे आम नागरिक बिना किसी गलती के मानसिक प्रताड़ना झेलने को मजबूर हैं।
आरटीओ की डेटा मैनेजमेंट में भारी लापरवाही और पीड़ित की कोर्ट जाने की चेतावनी
यह मामला परिवहन विभाग के डेटाबेस में मौजूद गंभीर खामियों और सत्यापन प्रक्रिया की विफलता को उजागर करता है क्योंकि एक ही नंबर दो अलग-अलग श्रेणी के वाहनों को आवंटित होना तकनीकी रूप से असंभव माना जाता है। पीड़ित अमित गौतम ने विभाग की इस घोर लापरवाही पर कड़ा आक्रोश जताते हुए स्पष्ट किया है कि यदि आरटीओ अपनी इस ऐतिहासिक गलती को सुधार कर माफी नहीं मांगता तो वे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। सिस्टम की इस अंधेरगर्दी ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक पर आंख बंद कर भरोसा करना जनता के लिए सिरदर्द बन सकता है। अब देखना यह है कि विभाग अपनी इस तकनीकी धांधली को कब तक दुरुस्त करता है ताकि भविष्य में किसी और निर्दोष को फर्जी जुर्माने का शिकार न होना पड़े।