हिंदू संगठनों के विरोध के बाद डीईओ निलंबित

0 प्रश्न पत्र पर कुत्ते के नाम पर हुआ था विवाद 00 बी.एल.देवांगन होंगे प्रभारी डीइओ 00 जांच में भ्रष्टाचार भी आया सामने 0दिलीप गुप्ता सरायपाली= महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे को प्रश्न पत्र में कुत्ते का नाम शेरू या राम के नाम को लेकर उपजे विवाद व हिन्दू संगठनो के भारी विरोध के बाद किए गए जांच में डीईओ को दोषी पाए जाने व उनके कार्यकाल में हुवे भ्रष्टाचार सामने आने के कारण आज निलंबित कर दिया गया । उनके स्थान पर बीएल देवांगन प्रभारी उप संचालक को प्रभारी डीईओ बनाया गया है ।

आज इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि “चौथी की परीक्षा में सवाल पर बवाल, कुत्ते का नाम शेरू या राम ? को तत्काल संज्ञान में लेते हुए प्रकरण की जांच कराई गई। जांच उपरांत पाया गया कि जिला अंतर्गत संचालित प्राथमिक प्राथमिक शालाओं के अर्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्न पत्रों का निर्धारण, मुद्रण एवं वितरण की समस्त जवाबदारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की थी, फिर भी विजय कुमार लहरे, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द द्वारा परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया का निर्धारण एवं कार्य योजना नहीं बनायी गई थी, प्रश्न पत्र तैयार करने में गंभीर लापरवाही की गई है, जिसके कारण कक्षा चौथी के अंग्रेजी विषय के प्रश्न पत्र में पूछे गये प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प के रूप में हिन्दु धर्म के आराध्य देव भगवान राम का नाम सम्मिलित किया गया है, जो कि बहुत ही आपत्तिजनक, निंदनीय एवं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है

जिससे शासन एवं विभाग की छवि धूमिल हुई है। महासमुंद जिले में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर की गई याचिका डब्ल्यू.पी.एस. नं. 1745/2022 के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद को विभागीय आदेश क्रमांक ला/1064/2025 अटल नगर दिनांक 26.11.2025 के द्वारा प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया था। प्रकरण में विजय कुमार लहरे, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद मह द्वारा त्वरित कार्यवाही नहीं किया गया। इस संबंध में संचालनालय के विधि शाखा प्रभारी द्वारा भी दिनांक 03.12.2025 को उन्हे व्यक्तिगत व्हॉट्सऐप के माध्यम से अवगत कराया गया था। जिसे भी अनदेखा कर आदेश की अवहेलना करते हुए उक्त प्रकरण में माननीय उच्च न्यायालय में अपील दायर नहीं किया गया। श्री लहरे ने अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के प्रति सजगता से कार्य नहीं करते हुए स्वेच्छाचारिता मनमाना व्यवहार किया है। संचालनालय के आदेश क्रमांक/139/आडिट/14/2025-26 दिनांक 30.01.2026 के माध्यम से कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला महासमुंद के विभागीय लेखाओं का अंकेक्षण कराया गया। अंकेक्षण प्रतिवेदन के अनुसार विजय कुमार लहरे, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुंद के कार्यकाल के दौरान विभागीय लेखाओं के अंकेक्षण में गंभीर अनियमितता पायी गई है। विजय कुमार लहरे, जिला शिक्षा अधिकारी, महासमुन्द द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता की गई है। श्री लहरे का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-5/ 3 के विपरीत गंभीर कदाचार है।अतःराज्य शासन, एतद्वारा, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत् विजय कुमार लहरे, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए, इनका मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा संभाग), रायपुर स्थांतरित किया गया है तथा निलंबित श्री लहरे के निलंबन उपरांत आगामी आदेश तक बी०एल० देवांगन, प्रभारी उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, नवा रायपुर को को जिला जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

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