कोरिया। जिले के सोनहत जनपद पंचायत के महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय में पदस्थ एक लेखपाल पिछले लगभग 40 वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। सरकारी सेवा में स्थानांतरण के स्पष्ट नियमों के बावजूद, चार दशकों से इनका तबादला न होना प्रशासनिक हलकों में चर्चा और जांच का विषय बना हुआ है।
3 साल का नियम, पर यहाँ बीते 40 साल सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के मुताबिक, किसी भी शासकीय कर्मचारी या अधिकारी को एक ही स्थान या संवेदनशील पद पर 3 वर्ष से अधिक समय तक नहीं रखा जाना चाहिए। इस नियम का मुख्य उद्देश्य कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार या एकाधिकार की संभावनाओं को खत्म करना होता है। लेकिन सोनहत के महिला बाल विकास कार्यालय में यह नियम पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है।
यहाँ पदस्थ लेखपाल का रसूख इतना है कि उनकी पूरी सेवा यात्रा लगभग एक ही कार्यालय में बीतने को है। इतने लंबे समय तक एक ही पद और स्थान पर जमे रहने के कारण कार्यालय के कार्यों में मनमानी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही जगह रहने से लेखपाल का कार्य करने का तरीका पूरी तरह स्वेच्छाचारी हो गया है। फाइलों के निपटारे और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी देखी जा रही है, जिससे सरकारी कामकाज प्रभावित हो रहा है।
मीडिया में खबरें आने के बाद भी कार्रवाई शून्य हैरानी की बात यह है कि यह मामला पहली बार सामने नहीं आया है। स्थानीय समाचार पत्रों में इस संबंध में कई बार खबरें प्रकाशित की जा चुकी हैं और उच्च अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया है। इसके बावजूद, अब तक शासन-प्रशासन की ओर से स्थानांतरण की कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। सवाल यह उठता है कि क्या विभाग के इन नियमों से उक्त लेखपाल को कोई विशेष छूट दी गई है या फिर रसूख के आगे नियम बौने साबित हो रहे हैं?