छत्तीसगढ़ सरकार ने मानसून की आहट से पहले ही प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के लिए सख्त चेतावनी जारी कर दी है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मई तक अगर बड़े नाले-नालियों की सफाई और ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों और इंजीनियरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीमें शहरों में पहुंचकर सफाई कार्य का भौतिक निरीक्षण करेंगी और किसी भी तरह की खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
24 घंटे खुले रहेंगे कंट्रोल रूम और हटेंगे अवैध अतिक्रमण
नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को निर्देश दिया है कि जल निकासी के रास्तों में आने वाले हर कच्चे और पक्के अतिक्रमण को तुरंत हटाया जाए ताकि बारिश का पानी बिना किसी रुकावट के निकल सके। शहरों में बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहने वाले नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जाएंगे और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थलों का चयन भी समय से पहले करने को कहा गया है। इसके अलावा पेड़ों पर लगे साइन-बोर्ड और हाईटेंशन लाइन के पास लटकती खतरनाक सामग्रियों को भी हटाने का सख्त हुक्म दिया गया है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
