प्रेस वार्ता बेमेतरा-23 अप्रैल 2026
आज आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य वक्ता चंद्रिका चंद्राकर (पूर्व महापौर दुर्ग) ने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को नीति-निर्धारण की प्रक्रिया में समान भागीदारी देने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि “हमारी दादी, माताएं और बहन-बेटियां वर्षों से इस अधिकार की प्रतीक्षा कर रही थीं, लेकिन विपक्ष ने एक बार फिर उन्हें निराश किया है।”
हमें आभास तो था कि विपक्ष ऐसा ही कुछ करेगा। कांग्रेस पार्टी ने पारंपरिक रूप से एक साफ़ महिला-विरोधी रुख बनाए रखा है, जो उसके पुराने साथियों और मौलवियों से प्रेरित है।प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने मुस्लिम महिलाओं की पीठ में छुरा घोंपा जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें मुस्लिम पुरुषों को अपनी पत्नियों को गुजारा-भत्ता देना ज़रूरी था। मौलानाओं ने हंगामा किया और राजीव गांधी जल्दी से पीछे हट गए।
संभाग प्रभारी चौलेश्वर चंद्राकर ने कहा उन्होंने कहा यह कोई राजनैतिक विषय नहीं था। ऐसा कभी नहीं होना था। विपक्ष ने जो किया है, वह देश के सबसे ऊँचे पदों पर
बैठी महिलाओं के लिए अपनी नफ़रत और तिरस्कार को सबके सामने ला दिया है और शीर्ष नेतृत्व में नीति निर्धारण
करने वाली भूमिकाओं में महिलाओं की काबिलियत पर शक करने की और अपनी महिलाओं से घृणा करने वाली सोच को खुलेआम दिखाया है।
संभाग प्रभारी डॉ. चौलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि विपक्ष ने हमेशा महिला आरक्षण के समर्थन का दिखावा किया, लेकिन हर बार किसी न किसी बहाने से इसे टालता रहा। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कमजोर करने का प्रयास है।
भाजपा नेताओं ने कहा 2010 में, जब राज्यसभा में बिल पर बहस हो रही थी, तो कांग्रेस के सबसे ज़रूरी पॉलिटिकल पार्टनर में से एक मुलायम सिंह यादव ने पार्लियामेंट में खड़े होकर महिला MPs के खिलाफ अपशब्द कहे। आज इन सभी दलों ने फिर अपना महिला विरोधी चेहरा सबके सामने रखा है।
इस अवसर पर अजय साहू (जिला अध्यक्ष बेमेतरा), कुमुद बघेल (प्रदेश मंत्री), नीतू कोठारी (प्रदेश सोशल मीडिया सह प्रभारी, महिला मोर्चा), प्रज्ञा निर्वाणी (जिला अध्यक्ष महिला मोर्चा), अंजू बघेल, मोंटी साहू नीलू राजपूत सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।