प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय जी ने माताओं को बताया बच्चों की ‘पहली गुरु’*
अंबुजा विद्या पीठ, रवान में अडाणी फाउंडेशन के सहयोग से आज से सात दिवसीय विशेष ‘बेसिक फोनिक्स सत्र’ (Basic Phonics Sessions) का उत्साहपूर्ण आगाज़ हुआ। यह कार्यशाला विशेष रूप से विद्यालय की ( सभी सम्मानित माताओं”) के लिए आयोजित की जा रही है, ताकि वे बच्चों के शुरुआती भाषाई कौशल को घर पर ही मजबूती दे सकें।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने शिक्षा में माताओं की भूमिका पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा “एक बच्चा स्कूल आने से पहले अपने घर में अपनी माँ से सीखना शुरू करता है। माताएं ही बच्चे की पहली और सबसे महत्वपूर्ण गुरु होती हैं। यदि माताएं उच्चारण और ध्वन्यात्मकता (Phonics) के वैज्ञानिक नियमों से अवगत होंगी, तो वे घर पर बच्चों की पढ़ाई में कहीं अधिक प्रभावी ढंग से मदद कर पाएंगी।”
प्राचार्य डा संजय पाण्डेय ने आगे कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती और माताओं का यह उत्साह न केवल उनके स्वयं के कौशल को बढ़ाएगा, बल्कि बच्चों के लिए भी एक मिसाल पेश करेगा। उन्होंने इसे विद्यालय और अभिभावकों के बीच की दूरी को कम करने वाला एक ‘साझा शैक्षणिक प्रयास’ बताया।
इस 7 दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य लक्ष्य माताओं को अंग्रेजी के सही उच्चारण और ध्वनियों के तालमेल को सिखाना है। यह सत्र दो चरणों में, आज 23 अप्रैल से 25 अप्रैल और पुनः 27 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलेगा।
समय: प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक।
पहले दिन के सत्र में ‘लेटर साउंड्स’ और शब्दों के बुनियादी गठन पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।
माताओं में दिखा भारी उत्साह
सत्र के पहले दिन बड़ी संख्या में माताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अडाणी फाउंडेशन और स्कूल प्रबंधन की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए माताओं ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से वे बच्चों के गृहकार्य और पढ़ाई में बेहतर योगदान दे सकेंगी।
विद्यालय प्रशासन ने सभी इच्छुक माताओं से अपील की है कि जो आज के सत्र में शामिल नहीं हो पाईं, वे कल से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अपने बच्चों के कक्षा अध्यापक से तुरंत संपर्क कर पंजीकरण कराएं।