चारामा में इंसानियत शर्मसार: बीमार नाबालिग खिलाड़ी से बस कंडक्टर ने की मारपीट, जबरन साफ कराई उल्टी

​चारामा : छत्तीसगढ़ के चारामा ब्लॉक में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। कांकेर से क्रिकेट की ट्रेनिंग लेकर लौट रहे तीन नाबालिग बच्चों के साथ ‘मनीष ट्रेवल्स’ की बस में कंडक्टर द्वारा अमानवीय व्यवहार और मारपीट की गई है। इस घटना को लेकर स्थानीय व्यापारियों और पालकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

​क्या है पूरा मामला?
​मिली जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 03:00 बजे तीन नाबालिग खिलाड़ी (निश्चय बोस, शाश्वत साहू और शौर्य मलिक) मनीष ट्रेवल्स की बस (क्रमांक CG07E7801) से वापस लौट रहे थे। गर्मी और सफर के कारण एक बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसे बस के अंदर ही उल्टी हो गई।

​मदद करने के बजाय, बस कंडक्टर नीरज मिश्रा ने आपा खो दिया। आरोप है कि उसने बच्चों के साथ न केवल गंदी गाली-गलौज की, बल्कि बीमार बच्चे के साथ मारपीट भी की। हद तो तब हो गई जब कंडक्टर ने अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए नाबालिग बच्चे से बस के अंदर की गंदगी पानी से साफ करवाई।

​निर्धारित स्टॉप पर नहीं उतरने दिया
​खिलाडियों के बताये अनुसार, उन्हें कौरर चौक उतरना था, लेकिन कंडक्टर ने बच्चों को उनके निर्धारित बस स्टॉप पर उतरने नहीं दिया। यहाँ तक की बस स्टैंड में भी नहीं उतरने दिया बच्चों को डराते-धमकाते हुए बस स्टैंड से लगभग 500 मीटर आगे ले जाकर उतारा गया। इस घटना से बच्चे गहरे सदमे और मानसिक तनाव में हुए, इसके बाद पूरी घटना की जानकारी बच्चों ने अपने परिजनों को बताई,

​व्यापारी संघ ने संभाला मोर्चा
​इस घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारी संघ चारामा ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ ने पुलिस थाना प्रभारी और अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को लिखित ज्ञापन सौंपकर आरोपी कंडक्टर के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यात्री बसों में इस तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​”बीमार बच्चे से सफाई कराना और मारपीट करना अत्यंत निंदनीय है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि उक्त बस कंडक्टर और ट्रेवल्स एजेंसी पर ऐसी कार्रवाई हो जो दूसरों के लिए नजीर बने।” > — व्यापारी संघ, चारामा

जिसके बाद पुलिस तत्काल हरकत में आई और पुलिस ने सोमवार को कंडक्टर को गिरफ्तार किया और मंगलवार को प्रतिबन्धात्मक कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। वही ये कोई नया मांमला नहीं है बस कंडक्टरों के द्वारा आए दिन बस यात्रियों से अभद्रता, मारपीट और मनमानी की खबरें सामने आती हैं। ताजा मामला चारामा का है, जहां एक बीमार नाबालिग बच्चे के साथ हुई अमानवीयता ने यह साबित कर दिया है कि इन बस संचालकों के मन में न तो कानून का खौफ है और न ही इंसानियत।चारामा का यह मामला केवल एक कंडक्टर की बदतमीजी नहीं है, बल्कि पूरी परिवहन प्रणाली की नाकामी है। अगर आज इन पर लगाम नहीं कसी गई, तो कल कोई भी यात्री बस में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा। प्रशासन को चाहिए कि ‘मनीष ट्रेवल्स’ जैसे संचालकों पर ऐसी कार्रवाई करे जो पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बने।

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