रायपुर। बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के निर्देश पर बीरगांव स्थित एक ईंट भट्टी में छापेमारी कर तीन नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया गया। सूचना मिलते ही आयोग ने तुरंत एक संयुक्त टीम का गठन कर कार्रवाई शुरू कर दी।
रणनीति के तहत पहले मौके का निरीक्षण किया गया और फिर आज सुबह करीब 6 बजे टीम को दोबारा भेजा गया। छापे के दौरान तीनों बच्चियां ईंट भट्टी पर काम करती हुई पाई गईं। जांच में सभी की उम्र 14 वर्ष से कम पाई गई, जिसके बाद टीम ने तत्काल उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।


अधिकारियों के अनुसार, बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत उन्हें सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और बेहतर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। मामले में बाल श्रम निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इस कार्रवाई में जिला बाल संरक्षण इकाई की माधुरी शर्मा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी संजय निराला, सामाजिक कार्यकर्ता गोरखनाथ पटेल, श्रम निरीक्षक श्री पटेल, सामाजिक कार्यकर्ता अभिमन्यु भरिया और विपिन ठाकुर (राज्य समन्वयक, एसोसिएशन फॉर वॉलंटियरी एक्शन एवं चाइल्डलाइन टीम) शामिल रहे।


अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।