राधे कृष्णा आइल प्लांट के सामने क्रासिंग को डिवाइडर के स्थान पर लोहे के पाइप से किया बंद

0 ठेकेदार एसडीएम व सीएमओ के आदेश को कर रहा अनदेखा 0
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दिलीप गुप्ता
सरायपाली= बैतारी स्थित राधे कृष्णा आइल प्लांट के सामने ठेकेदार की मनमानी कहें या ठेकेदार व नगरपालिका की मिलीभगत के चलते गौरवपथ में सभी जगह डिवाइडरों का निर्माण सीमेंटेड किया गया है किंतु इस प्लांट के सामने अनावश्यक रूप से छोड़े गए क्रासिंग को बंद किए जाने हेतु एसडीएम व सीएमओ के आदेश को दरकिनार रखते हुवे डिवाइडर के स्थान पर लोहे के पाइप से क्रासिंग को बंद किया गया है जो कि गौरवपथ के नियमों के विरुद्ध है इसके पूर्व भी लगभग 20 क्रासिंग को बंद किया गया सभी क्रासिंग को डिवाइडर बनाकर बंद किया गया था फिर इस प्लांट के सामने स्थित क्रासिंग को इतनी छूट क्यों दी जा रही है ? पहली बात तो यह है कि प्राक्कलन में जब यहां क्रासिंग बनाना प्रस्तावित ही नहीं था तो क्यों बनाया गया ? जनचर्चा के अनुसार अब यह सच लग रहा है कि ठेकेदार व प्लांट मालिक को एक दूसरे के रिश्तेदार होनेवाला फायदा नगरपालिका पदाधिकारी के सहयोग से किया गया हो ।


इस क्रासिंग को अनावश्यक व खतरनाक मानते हुवे ” आज की जनधारा ” द्वारा लगातार समाचार प्रकाशन कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाता रहा है। वहीं ग्रामीणों द्वारा भी एसडीएम को शिकायत के आधार पर एसडीएम अनुपमा आनंद द्वारा विगत 12/2/26 को तथा 18/2/26 को सीएमओ द्वारा ठेकेदार को पत्र लिखकर तत्काल इस क्रासिंग को बंद किए जाने का आदेश दिया गया था किंतु ठेकेदार द्वारा नगरपालिका व प्लांट मालिक से आपसी सेटिंग कर संभव है कि सीमेंटेड डिवाइडर नहीं बनाये जाने पर सहमति बनी होगी । क्योंकि यदि पक्का निर्माण के दिया गया तो उसे तोड़ना , हटाना या भविष्य में पुनः क्रासिंग खोले जाने वाली संभावना पर ब्रेक लग सकता था इसलिए भविष्य में इसे पुनः माहौल ठंडा होने के बाद लोहे के पाइप को हटाकर या दुर्घटना से क्षतिग्रस्त होने की बात दिखाकर पाइप को हटाया जा सकता है । पाइपों को नट बोल्ट के माध्यम से बंद किया गया है ताकि भविष्य में इसे बगैर किसी नुकसान के इसे खोलकर क्रासिंग का रूप पुनः दिया जा सके । ठेकेदार को इस तरह क्रासिंग बनाने का सुझाव प्लांट मालिक द्वारा नगरपालिका व अध्यक्ष के बगैर सलाह व अनुमति के संभव नहीं हो सकता ।
ज्ञातव्य हो कि प्लांट के सामने क्रासिंग को बंद किए जाने हेतु बैतारी के ग्रामीणों ने लिखित में शिकायत दर्ज करते हुवे इससे स्कूली बच्चों , भारी वाहनों के क्रास होने व अन्य दुर्घटनाओं की संभावना को देखते हुवे एसडीएम से निवेदन किया गया था । एसडीएम द्वारा 3 सदस्यीय जन समिति के गठन के बाद इस क्रासिंग को अनावश्यक बताया गया था । रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम द्वारा 12/2/26 को सीएमओ को पत्र लिखकर इस क्रासिंग को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया था जिसके परिप्रेक्ष्य में सीएमओ द्वारा ठेकेदार को 18/2/26 को पत्र लिखकर इसे बंद करने के बाद ठेकेदार द्वारा ढुलमुल नीति अपनाते हुवे 2 मध्य तक तो लगभग इसे टाल कर रखा गया और जब आवश्यक बनाना हुआ तो प्लांट मालिक , ठेकेदार , अध्यक्ष व नगरपालिका के आपसी सहमति व सलाह के बाद ही संभव है कि यह टेंपररी लोहे के पाइप से बंद करने सहमति बनाई गई हो ताकि आदेश का पालन किया जाना दिखाया जा सके ।
एसडीएम अनुपमा आनंद व ग्रामीणवासियों को चाहिए की वे इस क्रासिंग का निरीक्षण कर सच का पता लगावे व गौरवपथ में पूर्व में छोड़े गए क्रासिंग को पक्का सीमेंटेड डिवाइडर बंद किया गया था उसी यह इस क्रासिंग को भी बंद कराए जाने की पहल करे ।

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