मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने गई आबकारी विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। यह सनसनीखेज वारदात जरहागांव थाना क्षेत्र के लोहराकापा गांव में 16 अप्रैल 2026 को हुई जब मुखबिर की सूचना पर टीम दबिश देने पहुंची थी। उप निरीक्षक के नेतृत्व में गई टीम ने जैसे ही संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी शुरू की, वहां मौजूद भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट और अभद्रता पर उतारू हो गई।
मारपीट के बीच खुद को बताया आर्मी जवान, सरकारी काम में डाली बाधा
कार्रवाई के दौरान जब टीम धनसिंह पात्रे के घर से बरामद अवैध शराब को नष्ट कर रही थी, तभी अभिषेक पात्रे, अमर पात्रे और दुलोरिन नामक व्यक्तियों ने टीम को घेर लिया। आरोपियों ने न केवल गालियां दीं बल्कि उनमें से एक ने खुद को आर्मी का जवान बताकर टीम पर दबाव बनाने की कोशिश की। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने आरक्षक जयेंद्र नांदगौरी पर हाथ-मुक्कों से हमला कर दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान आरक्षक की सरकारी वर्दी भी फाड़ दी गई और उसे जान से मारने की धमकी देकर शासकीय कार्य को बीच में ही रोक दिया गया।
जरहागांव थाने में एफआईआर दर्ज, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
घटना के बाद पीड़ित आरक्षक ने जरहागांव थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि सरकारी कर्मचारियों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर अवैध शराब माफियाओं के हौसलों और दबिश के दौरान प्रशासनिक टीम की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।