रायगढ़ में हाथियों का आतंक: पानी की तलाश में गांवों तक पहुंचा झुंड, किसानों की फसलें बर्बाद

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों की बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार शाम एक बड़ा हाथी दल सड़क किनारे पहुंच गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हाथियों के जंगल की ओर लौटने के बाद ही रास्ता दोबारा चालू हो सका।

हाथीओं की बढ़ती संख्या को लेकर जिले में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल में इनकी संख्या बढ़कर 133 हो गई है, जिनमें 31 नर, 67 मादा और 35 शावक शामिल हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में ये झुंड फैले हुए हैं छाल रेंज के बोजिया में 35, पोटिया में 30, छाल में 13, लैलूंगा के आमापाली में 13 और आमगांव में 15 हाथी मौजूद हैं।

सड़क पर आ धमका 10 हाथियों का दल, थम गया ट्रैफिक
गुरुवार शाम करीब 10 हाथियों का एक समूह अचानक सड़क किनारे आ गया, जिससे मार्ग पर आवागमन रुक गया। यह झुंड आमगांव परिसर के 368 आरएफ जंगल से निकलकर रायगढ़ रोड पार करते हुए 367 आरएफ जंगल की ओर बढ़ा। उनके सुरक्षित पार होने के बाद ही वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।

वन विभाग अलर्ट, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
मौके पर पहुंचे वन विभाग और हाथी मित्र दल की टीम ने आसपास के गांवों शेरवन, दर्रीडीह, ओंगना, पोटिया और खलबोरा के लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

फसलों पर हमला, 14 किसानों को नुकसान
बीती रात हाथियों के झुंड ने 14 किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। पानी और भोजन की तलाश में हाथियों का गांवों की ओर रुख करना अब एक बड़ी समस्या बनती जा रही है।

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