नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कानूनी बाधाएं समाप्त, सीबीआई की टीम अंतिम प्रक्रिया के लिए लंदन पहुंची

नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में लगभग सभी कानूनी अड़चनें खत्म हो चुकी हैं और ब्रिटेन में नीरव मोदी के पास उपलब्ध बड़े कानूनी विकल्प भी अब समाप्त हो गए हैं। इस बीच, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष टीम लंदन पहुंच गई है, जिससे उसके जल्द भारत लाए जाने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं।

लंदन में सीबीआई की उच्चस्तरीय बैठकें

लंदन पहुंची सीबीआई की टीम ने ब्रिटेन के अधिकारियों और क्राउन प्रोसिक्यूशन सर्विस (सीपीएस) के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य प्रत्यर्पण से जुड़ी अंतिम कागजी कार्रवाई और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करना है। अधिकारी इस समय प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। सीबीआई की यह टीम गुरुवार, 16 अप्रैल को भारत वापस लौटेगी, जिसके बाद टीम की रिपोर्ट के आधार पर प्रत्यर्पण के अंतिम चरण को अंजाम दिया जाएगा।

यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय में पक्ष रखेगी सीबीआई

ब्रिटेन में कानूनी विकल्प समाप्त होने के बाद नीरव मोदी ने अंतिम उपाय के रूप में फ्रांस के स्ट्रासबर्ग स्थित यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ईसीएचआर) का रुख किया है। ईसीएचआर ने उसकी याचिका के निपटारे तक उसे गोपनीयता का दर्जा प्रदान किया है। सीबीआई की टीम अगले दो सप्ताह के भीतर स्ट्रासबर्ग जाएगी, जहां वह नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के पक्ष में मजबूती से अपनी दलीलें पेश करेगी। भारतीय एजेंसियों को भरोसा है कि वहां भी उसकी याचिका खारिज हो जाएगी, क्योंकि भारत भेजने में किसी मानवाधिकार का उल्लंघन नहीं हो रहा है।

ब्रिटिश हाई कोर्ट ने खारिज की थी याचिका

इससे पूर्व, मार्च 2026 में ब्रिटेन की हाई कोर्ट ने नीरव मोदी की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें प्रत्यर्पण मामले में दोबारा सुनवाई की मांग की गई थी। अदालत ने उन दलीलों को भी नकार दिया था जिनमें भारत में प्रताड़ना का खतरा बताया गया था। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि मुंबई की जेल में सुरक्षा और मानवाधिकारों के उल्लंघन का कोई वास्तविक खतरा नहीं है।

2019 से लंदन की जेल में बंद है आरोपी

उल्लेखनीय है कि नीरव मोदी वर्ष 2019 से लंदन की जेल में बंद है। उसे पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के सिलसिले में भारत के अनुरोध पर ब्रिटिश एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था। अब तक नीरव मोदी की जमानत याचिका 11 बार खारिज की जा चुकी है, क्योंकि ब्रिटेन की अदालतों ने उसे भागने के जोखिम (फ्लाइट रिस्क) की श्रेणी में रखा है। यदि नीरव मोदी का प्रत्यर्पण सफल होता है, तो यह भारतीय जांच एजेंसियों और सरकार के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जाएगी।

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