रायपुर। राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के साथ बैठकर भोजन किया और स्वयं भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार देता है।

उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और इच्छाशक्ति के बल पर उच्च स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित तथा कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। साथ ही उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले द्वारा शुरू किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे उन्हें स्थायी सम्मान मिल रहा है।


कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। वर्तमान सरकार के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी है।
समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।