नई दिल्ली: अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक बयान जारी कर ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई की घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशानुसार, 13 अप्रैल को स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे से ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले तमाम समुद्री यातायात की नाकेबंदी शुरू कर दी जाएगी।
वार्ता विफल होने के बाद लिया फैसला
यह कदम पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद उठाया गया है। वार्ता की विफलता पर राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही संकेत दिया था कि अमेरिका अब होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) की नाकेबंदी की दिशा में आगे बढ़ेगा।
नाकेबंदी के दायरे में सभी देश
CENTCOM के अनुसार, यह नाकेबंदी निष्पक्ष रूप से सभी देशों के जहाजों पर लागू होगी। ईरान के अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी में स्थित सभी तटीय इलाकों और बंदरगाहों को इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले उन जहाजों को नहीं रोका जाएगा जो गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता बनी रहे।
ईरान की तीखी प्रतिक्रिया
ईरान ने अमेरिका के इस कदम को पूरी तरह से गैर-जरूरी बताया है। ईरान के नौसेना प्रमुख शहरम ईरानी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियां हास्यास्पद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान की नौसेना क्षेत्र में अमेरिकी सेना की हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है और वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
