भानुप्रतापपुर । छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता एवं राज्य गुणवत्ता समन्वयक श्री हरिओम शर्मा ने शनिवार 11 अप्रैल को कांकेर जिले के विभिन्न विकासखंडों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भानुप्रतापपुर, दुर्गूकोंदल और कोयलीबेड़ा ब्लॉक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित हो रही प्रगतिरत और पूर्ण हो चुकी सड़कों की गुणवत्ता जांची।

निरीक्षण के दौरान कोयलीबेड़ा क्षेत्र में बड़ी लापरवाही सामने आई। श्री शर्मा ने कोयलीबेड़ा से पानीडोबीर तथा पानीडोबीर से मटियापारा सड़क के कुछ हिस्सों को गुणवत्ताहीन पाया। उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त और खराब गुणवत्ता वाले सड़क के हिस्सों को पुन: उखाड़कर नए सिरे से बनाया जाए। निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इन प्रमुख मार्गों का हुआ निरीक्षणमुख्य अभियंता ने अपनी टीम के साथ क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण मार्गों और पुलों का जायजा लिया, जिनमें शामिल हैं। भानुप्रतापपुर-कोरर मुख्य मार्ग से घोटापारा-चिल्हाटी, मुंगवाल से हटकर्रा एवं मर्रमपानी से कोदोपाखा सड़क, क्षेत्र में निर्मित हो रहे वृहद स्पान सेतु पुल का तकनीकी निरीक्षण, कोयलीबेड़ा क्षेत्र की चिलपरस से आलपरस, चिलपरस से जूंगडा और मार्कनर से संबलपुर सड़कें।नक्सल भय खत्म, अब विकास में आएगी तेजीनिरीक्षण के दौरान श्री शर्मा ने विकास की गति को लेकर सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कोयलीबेड़ा क्षेत्र की जो सड़कें पूर्व में नक्सल गतिविधियों के कारण रुकी हुई थीं, अब उनके पूर्ण होने का समय आ गया है। कांकेर जिला अब नक्सल मुक्त हो चुका है। सुरक्षा की कोई समस्या नहीं है, इसलिए सभी लंबित सड़कों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता पूर्वक पूर्ण करें ताकि ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।