राजकुमार मल
भाटापारा- उबल रहे खाद्य तेल। शॉर्टेज की स्थिति में हैं मेवों की वह किस्में जिनका आयात फिलहाल बंद है। यह तब, जब वैवाहिक आयोजनों की मांग निकलने लगी है।
सीजन अचार का लेकिन सरसों तेल में जैसी गर्मी आई हुई है उसके बाद मांग में आंशिक गिरावट देखी जा रही है लेकिन तेजी का यह सिलसिला थमने के आसार बन रहे हैं क्योंकि सरसों तेल उत्पादक इकाइयों में परिचालन शुरू होने की खबर खुदरा बाजार तक पहुंचने लगी है।

है और था…
सरसों खड़ा 55 से 85 रुपए किलो था। यह अब 85 से 100 रुपए किलो पर पहुंचा हुआ है। असर सरसों की दाल पर पड़ चुका है, जो अब 125 से 180 रुपए किलो पर पहुंची हुई है। सीजन है अचार का लेकिन सरसों तेल में प्रति किलो कीमत 160 से 210 रुपए पर बोली जाने लगी है। यह कीमत अचार उपभोक्ताओं पर भारी पड़ने जा रही है क्योंकि कच्चे आम की खरीदी भी बूते से बाहर जाती नजर आ रही है।
अब 750 ग्राम
1 लीटर नहीं, अब 750 ग्राम के पैक में आने लगीं हैं खाद्य तेल की शेष किस्में। लेकिन कीमत 1 लीटर वाले पैक की ली जा रही है। अब इसमें भी तेजी का दौर चला हुआ है। इसके बाद सोयाबीन तेल का पाउच 130 से 150 रुपए, राइस ब्रान ऑयल का पाउच 135 से 160 रुपए और तिल्ली का तेल 250 से 350 रुपए पर पहुंचा हुआ है। इनमें तेजी की धारणा इसलिए भी है क्योंकि प्लास्टिक के पैकेजिंग मैटेरियल्स की शॉर्टेज अभी भी बनी हुई है।

खाली हो रहा भंडार
चिलगोजा खत्म। अब बारी ऐसे सूखे मेवों की, जिनका आयात बंद हो चुका है। ऐसे भंडारित मेवे अब अंतिम दौर में हैं। इसलिए तेजी का दौर चालू हो चला है। इसके बाद 1000 से 2000 रुपए किलो पर मिलने वाला पिस्ता अब 1400 से 3000 रुपए किलो पर पहुंच गया है। किलो पीछे 300 से 400 रुपए किलो की तेजी के बाद अंजीर 1000 से 2000 रुपए किलो पर मजबूत है। मुनक्का में नई कीमत 800 से 1200 रुपए किलो बोली जा रही है। इसमें पिछला भाव 600 से 1000 रुपए किलो था। खजूर में भी 50 से 100 रुपए की तेजी आ चुकी है।