मथुरा/नई दिल्ली। कान्हा की नगरी मथुरा में यमुना नदी में हुआ दर्दनाक नाव हादसा अब चर्चा का विषय बन गया है। इस हादसे में लुधियाना से आए 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। इस घटना पर फिल्म अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने नाव यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सवाल उठाए हैं।
कैसे हुआ हादसा? (बैकग्राउंड) हादसा शुक्रवार को उस वक्त हुआ जब पंजाब के लुधियाना से 30 लोगों का एक दल बांके बिहारी के दर्शन के लिए मथुरा पहुंचा था। ये सभी लोग स्टीमर के जरिए नदी पार कर रहे थे। तभी स्टीमर नदी में बने एक पांटून पुल (पीपा पुल) से टकराकर पलट गया और सभी लोग गहरे पानी में डूब गए। बताया जा रहा है कि पुल की मरम्मत का काम चल रहा था, जो हादसे की बड़ी वजह हो सकता है।
सोनू सूद की अपील: ‘नियम न मानने पर हो सख्त कार्रवाई’ हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनू सूद ने कहा कि एक साल में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। सोनू सूद ने मांग की है कि देश में कहीं भी नाव यात्रा हो, वहां लाइफ जैकेट अनिवार्य की जाए। उन्होंने कहा कि जो एजेंसियां या संचालक इन नियमों को नहीं मानते, उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
बचाव कार्य और ताजा स्थिति (असर) हादसे के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस, गोताखोर, एनडीआरएफ और सेना की टीम मौके पर पहुंच गई। मथुरा एसपी (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि 22 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, 11 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं थे।
श्रद्धालुओं में डर का माहौल इस घटना के बाद मथुरा आने वाले श्रद्धालुओं में दहशत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खस्ताहाल पीपा पुल और बिना सुरक्षा के चल रही नावें हमेशा खतरे को न्योता देती हैं। प्रशासन ने फिलहाल नदी में नावों के संचालन को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है।