WiFi Router : नई दिल्ली। जब भी हम घर या ऑफिस के लिए नया वाई-फाई (WiFi) राउटर खरीदने बाजार जाते हैं, तो अक्सर हमारा ध्यान उसके एंटीना की संख्या पर टिक जाता है। आम धारणा यह है कि जितने ज्यादा एंटीना होंगे, इंटरनेट उतना ही रॉकेट की रफ्तार से चलेगा। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? तकनीकी विशेषज्ञों की मानें तो सच्चाई आपकी उम्मीदों से काफी अलग है।
एंटीना और इंटरनेट स्पीड का कनेक्शन
हकीकत यह है कि ज्यादा एंटीना होने का सीधा मतलब ‘फास्ट इंटरनेट’ बिल्कुल नहीं होता। आपके इंटरनेट की स्पीड पूरी तरह से आपके ‘सर्विस प्रोवाइडर’ और आपके द्वारा लिए गए ‘डेटा प्लान’ पर निर्भर करती है। यदि आपने 100 Mbps का प्लान लिया है, तो राउटर में 2 एंटीना हों या 8, आपको स्पीड उतनी ही मिलेगी जितनी कंपनी दे रही है।
तो फिर क्यों दिए जाते हैं ज्यादा एंटीना?
राउटर में लगे एंटीना का मुख्य काम इंटरनेट की स्पीड बढ़ाना नहीं, बल्कि कवरेज और स्टेबिलिटी (स्थिरता) को सुधारना है।
बेहतर रेंज: ज्यादा एंटीना होने से सिग्नल घर के कोनों तक बेहतर तरीके से पहुँचते हैं।
MIMO टेक्नोलॉजी: ज्यादा एंटीना वाले राउटर अक्सर ‘मल्टीपल-इनपुट मल्टीपल-आउटपुट’ (MIMO) तकनीक पर काम करते हैं। इसका फायदा यह है कि एक साथ कई मोबाइल या लैपटॉप जुड़ने पर भी कनेक्शन टूटता नहीं है और सभी को बराबर सिग्नल मिलता है।
आपके लिए कौन सा राउटर है सही?
छोटे घर के लिए: अगर आप एक छोटे फ्लैट में रहते हैं और केवल 2-3 लोग ही इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं, तो 2 या 3 एंटीना वाला बेसिक राउटर पर्याप्त है।
बड़े घर या ऑफिस के लिए: यदि घर बड़ा है, कई कमरे हैं या डिवाइस ज्यादा हैं, तो 4 से अधिक एंटीना वाला राउटर या फिर ‘मेश राउटर’ (Mesh Router) एक बेहतर विकल्प हो सकता है। मेश राउटर घर के ‘डेड जोन’ (जहाँ नेटवर्क नहीं आता) को खत्म करने में माहिर होते हैं।
निष्कर्ष:
अगली बार राउटर खरीदते समय केवल एंटीना की गिनती न करें। अपनी जरूरत, घर का एरिया और अपने इंटरनेट प्लान को ध्यान में रखकर ही चुनाव करें। याद रखें, एंटीना सिग्नल की ताकत बढ़ाते हैं, इंटरनेट का प्लान नहीं।