बिस्वनाथ। असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी पारा गरमा गया है। कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेताओं ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में बिस्वनाथ में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर तीखा प्रहार किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि असम की कमान राज्य के हाथों में न होकर दिल्ली से संचालित हो रही है।
चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि असम की सरकार को मुख्यमंत्री नहीं बल्कि दिल्ली से अमित शाह चला रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपने परिवार को भ्रष्टाचार में शामिल कर बड़ी गलती की है। राहुल गांधी ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी होने पर भ्रष्टाचार के इन मामलों की कानूनी जांच कराई जाएगी और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के मुद्दों और भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस का संघर्ष आने वाले समय में और तेज होगा।
रैली के अलावा राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार की महिला सुरक्षा नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हिंसा पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए बनाए गए ये केंद्र अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं। उन्होंने संसद में उठाए गए मुद्दों का हवाला देते हुए पूछा कि आखिर इन केंद्रों में स्टाफ की कमी और तालों की समस्या क्यों बनी हुई है। राहुल ने बजट के कम इस्तेमाल और महिलाओं तक मदद न पहुंच पाने के आंकड़ों पर सरकार से जवाब मांगा।
राहुल गांधी के इन आरोपों पर सरकार की ओर से महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखित जवाब में बताया कि मिशन शक्ति के तहत संचालित ये केंद्र महिलाओं को चिकित्सा और कानूनी सहायता प्रदान कर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2015 से अब तक लाखों महिलाओं को सहायता पहुंचाई गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों के संचालन का उत्तरदायित्व राज्य सरकारों का है और नीति आयोग ने इस योजना के प्रदर्शन को बेहतर माना है। हालांकि, राहुल गांधी ने सरकार के इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए इसे जमीनी हकीकत से दूर बताया है।