बड़ा घोटाला! 1500 का चेक 1.5 लाख में बदला, कार्रवाई ठंडे बस्ते में

बड़ा घोटाला! 1500 का चेक 1.5 लाख में बदला, कार्रवाई ठंडे बस्ते में* *कोरिया।*

जिले के जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत एक ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितता का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक ग्राम पंचायत सचिव पर 1500 के चेक को ओवरराइटिंग कर 1.5 लाख बनाकर बैंक से निकालने का गंभीर आरोप है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस धोखाधड़ी का खुलासा होने के बावजूद, सचिव के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।जानकारी के अनुसार, खड़गवां जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत में एक चेक के माध्यम से 1500 की राशि का भुगतान किया जाना था। सरपंच द्वारा विधिवत चेक पर हस्ताक्षर किए गए, लेकिन जब बैंक खाते की जानकारी ली गई तो सरपंच के होश उड़ गए। बैंक से 1.5 लाख की मोटी रकम निकाली जा चुकी थी। मामले की गंभीरता को समझते हुए, सरपंच ने तत्काल बैंक जाकर पड़ताल की। बैंक अधिकारियों और रिकॉर्ड की जांच से यह पुख्ता हो गया कि सचिव द्वारा 1500 की राशि को चालाकी से ‘डेढ़ लाख’ में बदलकर निकाला गया था। यह सीधे तौर पर वित्तीय धोखाधड़ी और पद का दुरुपयोग है, जिसकी पुष्टि बैंक के दस्तावेज भी करते हैं।इस आपराधिक कृत्य का खुलासा हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन विडंबना यह है कि इस गंभीर धोखाधड़ी के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा आरोपी सचिव के खिलाफ आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सवाल यह उठता है कि जब धोखाधड़ी पूरी तरह से उजागर हो चुकी है और बैंक रिकॉर्ड में भी इसकी पुष्टि हो चुकी है, तब भी प्रशासकीय तंत्र खामोश क्यों है? इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि जिस व्यक्ति पर वित्तीय अनियमितता का आरोप है, उसे आज भी ग्राम पंचायत के वित्तीय प्रभार से नहीं हटाया गया है। इतना ही नहीं, ऐसे व्यक्ति को दो ग्राम पंचायतों का प्रभार सौंपकर रखा गया है। ग्रामीणों का कहना है, “जब जिसके हाथ में वित्तीय प्रभार हो, वही इस तरह का काम करेगा तो विश्वास किस पर रहेगा? ऐसे लोगों को दो-दो ग्राम पंचायत का प्रभार देकर रखा गया है। आने वाले समय में यदि धोखाधड़ी कर फिर इसी तरह का काम किया जाएगा उनके द्वारा तो कौन जिम्मेदार होगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *