कोरिया। महिला बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से महिला जागृति शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का लक्ष्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, घरेलू हिंसा से सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों के प्रति सचेत करना था। महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह शिविर विभिन्न सामाजिक कुप्रथाओं जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा और लिंग आधारित भेदभाव के विरूद्ध महिलाओं को जागरूक व संगठित करने का एक मंच भी है। इसके अतिरिक्त, उन्हें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना भी इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य है। परियोजना अधिकारी अनुपमा सिंह ने बताया की महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों, घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज निषेध अधिनियम, और संपत्ति में उनके अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंनें उपस्थित महिलाओं को लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताया।
कार्यक्रम का महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पत्रकार कमरून निशा का सम्मान हुआ।
इस कार्यक्रम में महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अतिरिक्त, अतिथि गणों में जिला पंचायत उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े, जिला पंचायत सदस्य गीता राजवाड़े, और जिला पंचायत सदस्य सौभाग्यवती सिंह उपस्थित रहीं। इनके साथ ही, समाज कल्याण विभाग की अधिकारी, शिक्षा विभाग की मुख्य अधिकारी उषा लकड़ा एवं समस्त अधिकारी-कर्मचारी, क्षेत्र की जनता तथा बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी मौजूद थीं, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।