ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से ऑनलाइन ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक को शेयर बाजार और निवेश पर भारी-भरकम रिटर्न का लालच देकर साइबर अपराधियों ने 36 लाख रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी। ठगों ने मनोवैज्ञानिक तरीके से जाल बिछाते हुए पीड़ित को एक फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए निवेश करने के लिए उकसाया था।
व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का खेल
ग्वालियर के थाटीपुर इलाके के रहने वाले हर्ष नाम के युवक को साइबर ठगों ने सबसे पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। इस ग्रुप में निवेश पर 850 प्रतिशत तक के मुनाफे के दावे किए जा रहे थे। युवक को विश्वास में लेने के लिए ठगों ने उसे एक खास इन्वेस्टमेंट ऐप डाउनलोड करने को कहा। शुरुआती निवेश के बाद ऐप के ‘डिजिटल वॉलेट’ में उसे मोटा मुनाफा दिखने लगा, जिससे हर्ष का भरोसा बढ़ गया और उसने लालच में आकर अपनी जमा-पूंजी निवेश करना शुरू कर दिया।
36 लाख रुपये की कई किस्तों में ठगी
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, हर्ष ने कई किस्तों में कुल 36 लाख 66 हजार रुपये उस फर्जी ऐप के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। ऐप के डैशबोर्ड पर यह राशि और उस पर मिलने वाला फर्जी प्रॉफिट करोड़ों में दिखने लगा था। असली खेल तब शुरू हुआ जब हर्ष ने उस मुनाफे और अपनी मूल राशि को बैंक खाते में निकालने (Withdraw) की कोशिश की। हर बार ट्रांजैक्शन के दौरान तकनीकी गड़बड़ी या ‘एरर’ आने लगा। जब काफी कोशिशों के बाद भी पैसे नहीं निकले, तब हर्ष को ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू
थाटीपुर थाना पुलिस ने इस मामले में अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों और आईपी एड्रेस की जांच की जा रही है, जहाँ पैसे ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस का कहना है कि यह एक बड़ा संगठित गिरोह हो सकता है जो फर्जी निवेश ऐप्स के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई हड़प रहा है।
सावधान रहें और सुरक्षित रहें
साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक या व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए दिए गए निवेश के ऑफर्स से बचें। कोई भी कंपनी अगर असामान्य रूप से ज्यादा मुनाफे का वादा करती है, तो वह फर्जी हो सकती है। निवेश के लिए हमेशा सेबी (SEBI) द्वारा प्रमाणित और रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म का ही चयन करें।