Kabul Air Strike : काबुल/इस्लामाबाद। एक ओर जहाँ दुनिया की नज़रें मिडिल ईस्ट के तनाव पर टिकी हैं, वहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच छिड़ी जंग अब बेहद खौफनाक मोड़ पर पहुँच गई है। सोमवार देर रात काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र (अस्पताल) पर हुए भीषण हवाई हमले ने पूरी इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है।
तालिबान प्रशासन (इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान) के उप-प्रवक्ता हमदुल्ला फ़ितरत ने पुष्टि की है कि इस एयर स्ट्राइक में मरने वालों का आंकड़ा 400 के पार पहुँच गया है, जबकि 250 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मलबे में तब्दील हो चुके अस्पताल से शवों को निकालने और आग पर काबू पाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
मानवता के खिलाफ अपराध या सैन्य रणनीति? अफगानिस्तान ने सीधे तौर पर पाकिस्तानी सेना को इस नरसंहार का जिम्मेदार ठहराया है। अफगान क्रिकेटर राशिद खान ने सोशल मीडिया पर हमले के दिल दहला देने वाले वीडियो साझा करते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) से तुरंत दखल देने की गुहार लगाई है। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उनके ऑपरेशन्स में किसी भी नागरिक ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया है।
तनाव की आग में झुलसती सीमा दोनों देशों के बीच यह खूनी संघर्ष 22 फरवरी से उग्र हुआ है। पिछले एक हफ्ते में अफगानिस्तान पर यह दूसरा सबसे बड़ा हमला है। जानकारों का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में जारी यह खींचतान अब एक पूर्ण युद्ध की शक्ल ले रही है, जिससे दक्षिण एशिया में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है।