रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को राशन दुकानों में ई-केवायसी की अनिवार्यता के कारण हितग्राहियों को हो रही परेशानी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। इस विषय पर खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
सदन में विधायक दिलीप लहरिया ने राशन आवंटन में आ रही दिक्कतों पर सवाल उठाते हुए ई-केवायसी से वंचित हितग्राहियों की जानकारी मांगी। खाद्य मंत्री ने सदन को बताया कि प्रदेश में 64 हजार 428 हितग्राहियों का ई-केवायसी शेष है, जबकि 15 हजार 758 का सत्यापन नहीं हो पाया है। विधायक ने आरोप लगाया कि ई-केवायसी की प्रक्रिया के चलते करीब 1 लाख 44 हजार से अधिक लोगों का राशन रोका गया है।
चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कई ऐसे हितग्राही हैं जिनका बायोमेट्रिक या अंगूठे का निशान मशीन में नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे राशन से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने पूछा कि दूरस्थ अंचलों में सर्वर और इंटरनेट की समस्या के बीच इन हितग्राहियों के लिए सरकार ने क्या व्यवस्था की है?
खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल ने स्पष्ट किया कि ई-केवायसी की प्रक्रिया राशन दुकान में पीओएस मशीन के जरिए पूरी की जा सकती है, साथ ही मोबाइल के माध्यम से भी यह सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जो हितग्राही ई-केवायसी नहीं करवा पाए हैं, उन्हें पिछले महीने का राशन प्रदान किया जा रहा है और वे जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। मंत्री के इस जवाब को विपक्ष ने अपर्याप्त बताते हुए और राशन वितरण व्यवस्था पर असंतोष जाहिर करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।