कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद निर्वाचन आयोग पूरी तरह सक्रिय मोड में है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने राज्य के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाने के कुछ ही घंटों बाद राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सहित चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का भी तबादला कर दिया है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सिद्धनाथ गुप्ता को महानिदेशक एवं पुलिस प्रमुख (प्रभारी), अजय कुमार नंद को कोलकाता पुलिस आयुक्त, नटराजन रमेश बाबू को सुधार सेवा विभाग का महानिदेशक और अजय मुकुंद रानाडे को अतिरिक्त महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) के पद पर तैनात किया गया है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनावी जिम्मेदारी से दूर रखा जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर किए गए बदलावों में 1993 बैच के आईएएस अधिकारी दुष्यंत नारियाला को पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वहीं, संघमित्रा घोष को गृह और पहाड़ी मामलों का प्रधान सचिव बनाया गया है। चुनाव आयोग ने पूर्व मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और पूर्व गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को भी चुनावी कार्यों से पूरी तरह अलग रखने का निर्देश दिया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव हिंसा मुक्त और पारदर्शी कराना आयोग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के साथ प्रशासनिक और पुलिस ढांचे में बदलाव किए गए हैं ताकि चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था पर पूरी तरह नियंत्रण बना रहे।