रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को शून्यकाल के दौरान बीजापुर जिले के गंगालूर स्थित पोर्टा केबिन में छात्राओं के गर्भवती होने का मामला जोर-शोर से उठा। इस विषय पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए चर्चा की मांग की। स्थगन सूचना अस्वीकृत होने और सत्तापक्ष के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
सदन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामला उठाते हुए कहा कि आदिवासी बालिकाओं के साथ इस तरह की घटनाएं लंबे समय से हो रही हैं और सरकार दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है। विधायक विक्रम मंडावी, उमेश पटेल, संगीता, लखमा, अनिला भेड़िया और देवेंद्र यादव ने भी इसे अत्यंत गंभीर और शर्मनाक बताते हुए तत्काल चर्चा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा कि पोर्टा केबिन में ऐसी घटनाएं सालों से चली आ रही हैं और इन्हें दबाने का प्रयास किया जाता है।
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दोषी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि संबंधित छात्राएं वर्तमान में पोर्टा केबिन में नहीं हैं और मामले की जांच स्थानीय कलेक्टर के निर्देश पर चल रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद भी विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा और सदन से वॉकआउट कर दिया।