रायपुर। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्र का पर्व अत्यंत पावन और महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र की शुरुआत होती है। इस साल 19 मार्च से चैत्र नवरात्र का आरंभ हो रहा है, जिसका समापन 27 मार्च को रामनवमी के दिन होगा। नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विशेष उपासना की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा के आगमन से पूर्व घर को पूरी तरह साफ-सुथरा और पवित्र रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि स्वच्छ और सकारात्मक वातावरण में ही देवी की कृपा प्राप्त होती है। नवरात्र के पहले घर में मौजूद नकारात्मकता को दूर करने के लिए कुछ वस्तुओं को हटा देना अत्यंत आवश्यक है।
नवरात्र से पहले घर से हटा दें ये वस्तुएं:
टूटी-फूटी मूर्तियां और धार्मिक वस्तुएं: घर में खंडित या टूटी हुई देवी-देवताओं की मूर्तियां या धार्मिक वस्तुएं रखना अशुभ माना जाता है। इन्हें किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर देना चाहिए।
बंद घड़ियां: वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में बंद पड़ी घड़ियां जीवन में प्रगति और समय की गति में रुकावट का प्रतीक हैं। नवरात्र शुरू होने से पहले इन्हें ठीक करवा लें या घर से हटा दें।
टूटे बर्तन और पुराना सामान: रसोई में दरार वाले कप, बर्तन या कोई भी बेकार सामग्री नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। नवरात्र से पूर्व ऐसे सामान को घर से बाहर निकाल देना शुभ होता है।
कबाड़ और अनुपयोगी सामान: घर के किसी भी कोने में लंबे समय से जमा हुआ कबाड़ या बिना काम का सामान सकारात्मक ऊर्जा को रोकता है। घर को व्यवस्थित रखने के लिए ऐसा अनुपयोगी सामान हटा दें।
सूखे या मुरझाए पौधे: वास्तु में सूखे पौधों को नकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। घर की बालकनी या आंगन में लगे मुरझाए पौधों को तुरंत हटा दें और उनकी जगह नए, हरे-भरे पौधे लगाएं।
नवरात्र के दौरान घर की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।