दुबई। संयुक्त अरब अमीरात में सोशल मीडिया पर गलत और भ्रामक जानकारी साझा करने के आरोप में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 19 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन लोगों पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए ऐसी सामग्री पोस्ट करने का आरोप है जिससे सार्वजनिक रूप से भ्रम और गलतफहमी फैलने की आशंका थी।
यूएई की सुरक्षा एजेंसियों ने जानकारी दी है कि यह कार्रवाई इंटरनेट पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेशों और अफवाहों को रोकने के लिए चलाए गए विशेष अभियान का हिस्सा है। जांच में पाया गया कि गिरफ्तार किए गए लोग बिना किसी पुष्टि के संवेदनशील और गलत जानकारी साझा कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक शांति प्रभावित हो सकती थी।
यूएई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देश के साइबर कानूनों के तहत गलत या भ्रामक सूचना फैलाना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना और जेल की सजा या दोनों का प्रावधान है। प्रशासन ने सभी सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को जिम्मेदारी से व्यवहार करने की सख्त हिदायत दी है।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें और केवल आधिकारिक या विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें। यूएई प्रशासन ने दोहराया है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे समाज में अनावश्यक डर पैदा होता है। फिलहाल गिरफ्तार किए गए सभी लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।