रमेश गुप्ता, दुर्ग
पुरानी रंजिश ने लिया खूनी संघर्ष का रूप
दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कुन्दरापारा में एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है। यहाँ जैतखाम में झंडा लगाने को लेकर करीब तीन साल पुराने विवाद ने रविवार रात एक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस पुरानी रंजिश के चलते एक ही परिवार के छह लोगों ने मिलकर दूसरे पक्ष के चार लोगों पर चाकू, डंडे और ईंट से जानलेवा हमला कर दिया। इस भीषण हमले में गंभीर रूप से घायल हुए लेखराम कोठारी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और घटना के महज 12 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
रविवार रात साढ़े नौ बजे हुआ ताबड़तोड़ हमला
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरी वारदात 12 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे की है। कुन्दरापारा स्थित जैतखाम के पास अक्षय कोठारी, उनके भाई लेखराम कोठारी, गोपा उर्फ सूर्यदेव कोठारी और उनके चाचा बल्ला उर्फ रोशन कोठारी मौजूद थे। इसी दौरान आरोपियों ने एक राय होकर योजनाबद्ध तरीके से इन सभी पर अचानक हमला बोल दिया। आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए चाकू, डंडे और ईंट से ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में चारों लोग लहूलुहान हो गए। सूचना मिलते ही घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ गंभीर रूप से घायल लेखराम कोठारी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, वहीं अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।
नए कानूनों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच
वारदात की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर थाना पुलिस की टीम तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों के अनुरूप काम करते हुए तत्काल एफएसएल (FSL) विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया। पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मिलकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने वैज्ञानिक, तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से एकत्र किया। इन पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए अपनी जांच की दिशा तय की और तेजी से कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस की घेराबंदी और 12 घंटे में सभी आरोपी दबोचे
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे आरोपियों को पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने संभावित ठिकानों पर तुरंत घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस टीम की मुस्तैदी के कारण घटना के केवल 12 घंटे के भीतर ही एक ही परिवार के सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अभिरक्षा में हुई कड़ी पूछताछ में सभी आरोपियों ने पुरानी रंजिश के चलते इस पूरी वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है।
तीन साल पुराने विवाद का खतरनाक बदला
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात साफ हो गई है कि इस खूनी संघर्ष की जड़ें तीन साल पुरानी थीं। करीब तीन वर्ष पहले कुन्दरापारा के जैतखाम में झंडा लगाने की बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। उस समय का यह विवाद शांत तो हो गया था, लेकिन आरोपियों के मन में इसकी रंजिश बरकरार थी। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने पूरी प्लानिंग की और प्रार्थी पक्ष को अकेला घेरकर उन पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसके कारण लेखराम कोठारी को अपनी जान गंवानी पड़ी।
प्रयुक्त हथियार, खून से सने कपड़े बरामद और कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई ईंट, डंडे, चाकू और वारदात के समय पहने गए खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में लक्ष्मी चेलक (35 वर्ष), आकाश चेलक (26 वर्ष), सत्यम चेलक (33 वर्ष), खेलू चेलक (32 वर्ष), प्रकाश चेलक (29 वर्ष) और देवचंद चेलक (34 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी आरोपी कुन्दरापारा के ही निवासी हैं और एक ही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 109(1) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीकृत कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है।
इस संवेदनशील मामले में पद्मनाभपुर थाना पुलिस द्वारा दिखाई गई त्वरित और प्रभावी कार्रवाई, खासकर वैज्ञानिक साक्ष्यों के इस्तेमाल और महज 12 घंटे में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की हर तरफ सराहना की जा रही है।