आज की जनधारा बिलासपुर संस्करण के 6वें स्थापना दिवस पर 44 विभूतियां होंगी सम्मानित

समाज सेवा से लेकर साहित्य और खेल तक उत्कृष्ट योगदान को सम्मान

विशेष संवाददाता | बिलासपुर
बिलासपुर संभाग की सामाजिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को सम्मानित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 44 विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान समारोह केवल व्यक्तियों के कार्यों की सराहना भर नहीं होगा, बल्कि बिलासपुर संभाग की उस जीवंत परंपरा का उत्सव भी होगा जिसने समय-समय पर समाज को दिशा देने वाले व्यक्तित्वों को जन्म दिया है।

आज की जनधारा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम समाज सेवा, चिकित्सा, पत्रकारिता, शिक्षा, साहित्य, कला, खेल तथा जीव संरक्षण जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को एक ही मंच पर सम्मानित किया जाना इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता है। आयोजकों का मानना है कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे लोगों को सार्वजनिक सम्मान मिलने से न केवल उनका मनोबल बढ़ता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी सकारात्मक प्रेरणा प्राप्त होती है।

इस बार सम्मानित होने वाली विभूतियों में समाज सेवा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक है। कुल 44 सम्मानित व्यक्तियों में से 12 नाम ऐसे हैं जिन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के उत्थान, जरूरतमंदों की सहायता और जनकल्याण के कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन समाजसेवियों ने वर्षों से बिना किसी प्रचार-प्रसार की अपेक्षा के सामाजिक सरोकारों को मजबूती प्रदान की है। अनिल टाह, प्रवीण झा, रिंकू मिश्रा, विकास साहू, रवि बेनर्जी, भास्कर वर्तक, चंदन गांगुली, डी. विनीता राव, पी.आर. यादव, पीयूष गुप्ता, शांतनु घोष तथा सुश्री सुलभा ताई देशपांडे को समाज सेवा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी बिलासपुर संभाग ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। चिकित्सा क्षेत्र से छह विशेषज्ञों को सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें डॉ. होत चंदानी, डॉ. रवींद्र मंगत, श्रीमती आराधना त्रिपाठी, डॉ. देवेंदर सिंह, श्री अभिराम शर्मा और आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में विशेष सेवाएं देने वाले हरि भाई आर्यन शामिल हैं।
इन चिकित्सकों ने अपने समर्पण और सेवा भाव से हजारों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में योगदान दिया है।

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता को भी इस सम्मान समारोह में विशेष स्थान दिया गया है। पत्रकारिता क्षेत्र से सर्वाधिक 17 व्यक्तित्वों और प्रतिनिधियों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें वरिष्ठ पत्रकार दिलीप यादव, पंकज गुप्ते, उषा सोनी, तारणी शुक्ला, हबीब खान सहित कई संवाददाता और पत्रकारिता से जुड़ी हस्तियां शामिल हैं। इसके अलावा प्रेस क्लब बिलासपुर को संस्था के रूप में सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन पत्रकारों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक होगा जिन्होंने निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से जनता की आवाज को सशक्त बनाया है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षाविदों और विद्वानों को सम्मानित किया जाएगा। महामहोपाध्यायाचार्य डॉ. पुष्पा दीक्षित, किरण चावला तथा अंकित कुमार मिश्रा को शिक्षा और ज्ञान के प्रसार में उनकी भूमिका के लिए चुना गया है। शिक्षा जगत में इनकी सेवाओं ने अनेक विद्यार्थियों को नई दिशा प्रदान की है।

साहित्य और कला के क्षेत्र में भी बिलासपुर संभाग की समृद्ध परंपरा को सम्मान मिलेगा। साहित्यकार राहुल सिंह और द्वारिका प्रसाद अग्रवाल को उनके रचनात्मक योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। वहीं कला क्षेत्र में किरण मोइत्रा को उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मान प्रदान किया जाएगा। इन रचनाकारों और कलाकारों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

खेल जगत से सुश्री श्रद्धा वैष्णव को सम्मानित किया जाएगा। हाल ही में भारतीय महिला बधिर क्रिकेट टीम में चयनित होकर उन्होंने न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। उनकी उपलब्धि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसके अलावा जीव संरक्षण एवं पशु-पक्षी सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली निधि तिवारी को भी सम्मानित किया जाएगा।

पर्यावरण और जीव संरक्षण के प्रति उनका समर्पण समाज में संवेदनशीलता और सह-अस्तित्व के मूल्यों को मजबूत करता है। सम्मान समारोह में बी.पी. शर्मा को विशेष श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार प्रत्येक सम्मानित व्यक्ति ने अपने-अपने क्षेत्र में ऐसा योगदान दिया है जिसने समाज पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ा है और लोगों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया है।

यह आयोजन केवल पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि बिलासपुर संभाग की सामूहिक उपलब्धियों का उत्सव भी होगा। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को एक मंच पर लाकर यह समारोह उस सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदनशीलता और रचनात्मक ऊर्जा को सम्मानित करेगा जो बिलासपुर संभाग की पहचान रही है।

समाज सेवा से लेकर चिकित्सा, पत्रकारिता से लेकर साहित्य, शिक्षा से लेकर खेल और जीव संरक्षण तक, सम्मानित होने वाले ये सभी नाम उस विविधता और प्रतिभा का प्रतिनिधित्व करते हैं जो बिलासपुर संभाग को छत्तीसगढ़ के सबसे सक्रिय और प्रगतिशील क्षेत्रों में शामिल करती है। आने वाली पीढ़ियों के लिए ये सभी विभूतियां प्रेरणा के स्रोत हैं और उनका सम्मान वास्तव में पूरे संभाग की अस्मिता, उपलब्धियों और गौरव का सम्मान है।

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