रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में शुक्रवार रात से जारी निरंतर बर्फबारी के कारण पूरे क्षेत्र में एक बार फिर बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। इस ताजा हिमपात से यात्रा मार्ग और मंदिर परिसर पूरी तरह बर्फ से ढक गए हैं, जिससे आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने हाल ही में जिन रास्तों से बर्फ हटाकर आवाजाही सुगम बनाई थी, वहां दोबारा बर्फ जमा होने से चुनौतियां बढ़ गई हैं।
बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अनुसार, अप्रैल माह में भी मौसम का मिजाज सामान्य नहीं है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण 22 अप्रैल को प्रस्तावित कपाट खुलने की तिथि से पहले की जाने वाली व्यवस्थाओं को सुचारू करने में काफी कठिनाइयां आ रही हैं। निर्माण कार्यों और सफाई अभियान में लगी एजेंसियों की चिंताएं भी मौसम के इस बदले रूप ने बढ़ा दी हैं।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग देहरादून ने उत्तराखंड के पांच जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार, 4 अप्रैल को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है। विभाग ने इन क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका जताते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य हिस्सों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।