रायपुर (7 मार्च 2026): अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने प्रदेश की महिलाओं को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के लिए एक विशाल ‘महा जन-सुनवाई सप्ताह’ का शंखनाद किया है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के नेतृत्व में यह अभियान 8 मार्च से 13 मार्च तक लगातार चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य संभाग स्तर पर एक ही छत के नीचे प्रदेश के सभी 33 जिलों की शिकायतों का तत्काल निराकरण करना है।
दो न्यायपीठों से होगा त्वरित समाधान
सुनवाई को सुचारू और प्रभावी बनाने के लिए आयोग ने पहली बार दो अलग-अलग न्यायपीठों (Benches) का गठन किया है:
मुख्य न्यायपीठ: इसकी अध्यक्षता डॉ. किरणमयी नायक स्वयं करेंगी। यह पीठ महिला उत्पीड़न के उन गंभीर मामलों को देखेगी जिनमें कानूनी कार्रवाई और कड़े फैसलों की जरूरत है।
सहायक न्यायपीठ: इसमें आयोग की अन्य सदस्य शामिल होंगी। यहाँ उन मामलों का निपटारा किया जाएगा जिन्हें काउंसलिंग, आपसी समझाइश और समझौतों के जरिए सुलझाया जा सकता है।
पिछला रिकॉर्ड और वर्तमान लक्ष्य
राज्य महिला आयोग ने पिछले साढ़े पांच वर्षों में अपनी सक्रियता का प्रमाण दिया है। अब तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 370 से अधिक जनसुनवाई की जा चुकी हैं, जिनमें लगभग 8000 परिवारों के विवादों को सुलझाया गया है। इसी कड़ी को मजबूत करते हुए इस बार 5 संभागों में हजारों नए और लंबित प्रकरणों पर सुनवाई होगी।
संभागवार सुनवाई का पूरा शिड्यूल
जनसुनवाई प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शुरू होगी। कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है:
अध्यक्ष की अपील: नए आवेदकों का भी स्वागत
आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं के मामले पहले से सूचीबद्ध हैं, उन्हें समय पर पहुंचना अनिवार्य है। साथ ही, उन्होंने एक बड़ी घोषणा की है कि ऐसी महिलाएं जो अब तक आवेदन नहीं कर पाई हैं, वे भी सीधे सुनवाई स्थल पर अपना नया आवेदन दे सकती हैं। पुलिस प्रशासन, सखी वन स्टॉप सेंटर और विधिक सेवा प्राधिकरण की टीमें मौके पर मौजूद रहेंगी ताकि किसी भी स्थिति में पीड़ित महिला को खाली हाथ न लौटना पड़े।