नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि क्षेत्र में हो रही विभिन्न हिंसक घटनाओं में अब तक आठ भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि एक नागरिक अब भी लापता है। सरकार लापता व्यक्ति की तलाश के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर महाजन ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि हाल ही में कुवैत में हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु हुई है। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कुवैत स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के समन्वय से पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की प्रक्रिया में जुटा है। मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि 28 फरवरी से अब तक पश्चिम एशिया के प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 55 लाख यात्री सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।
युद्ध रोकने के लिए कूटनीति पर जोर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार युद्ध की स्थिति पर निरंतर नजर रखे हुए है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि इस संघर्ष का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान से टेलीफोन पर चर्चा की। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर होने वाले हमलों की कड़ी निंदा भी की है।
दूतावासों में हेल्पलाइन सक्रिय मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में करोड़ों भारतीय निवास करते हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। असीम आर महाजन ने बताया कि प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। भारतीय समुदाय की सहायता के लिए ’24-7′ हेल्पलाइन संचालित की जा रही है और स्थिति के अनुसार समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।