मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़–महाराष्ट्र सीमा से लगे औंधी क्षेत्र में बाघ की दहशत फिर बढ़ गई है। बागडोंगरी गांव में दिन-दहाड़े बाघ ने एक मवेशी पर हमला कर दिया, जिससे इलाके के ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, गांव के पास चर रहे एक बैल पर बाघ ने हमला कर दिया। बैल किसी तरह बचकर अपने मालिक के घर पहुंचा, जिसके शरीर पर बाघ के पंजों के गहरे निशान और गर्दन पर दांतों के घाव पाए गए।

इसी दौरान मरकाटोला में खेत की रखवाली कर रहे दो ग्रामीणों का भी बाघ से सामना हो गया। बाघ को सामने देखकर दोनों ने फुर्ती दिखाते हुए पास के पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। कुछ देर तक बाघ पेड़ के आसपास मंडराता रहा, लेकिन गांव वालों के टॉर्च लेकर पहुंचने पर वह जंगल की ओर भाग गया।

बताया जा रहा है कि पिछले एक महीने में इस बाघ ने एक ग्रामीण समेत दो मवेशियों को अपना शिकार बनाया है। लगातार घटनाओं से ग्रामीण जंगल जाने से डर रहे हैं, जबकि यह महुआ संग्रहण का समय है। वन विभाग ने इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए हैं और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है।