मुख्य मार्ग में अंग्रेजी शराब दुकान की भीड़ से आवागमन हो रहा अवरुद्ध सड़क में ही जाम झलकाते मिल जायेंगे शराबी

0 नियमों की कि जा रही अनदेखी 00 बाजू में स्कूल , सामने मंदिर व दुकान से लगा रिहायशी मकान 0दिलीप गुप्ता सरायपाली= नियमों की अनदेखी कर आबकारी विभाग द्वारा गौरवपथ के बाजू में अंग्रेजी शराब दुकान का संचालन किया जा रहा है । इसके विरोध में हिंदू संगठनों द्वारा पूर्व में विरोध भी दर्ज कराया गया था । यह अंग्रेजी दुकान एक रिहायशी घरो , मंदिर , स्कूल व शासकीय कार्यालय के पास ही स्थित है

जिससे इसका दुष्प्रभाव बाजू में लगे स्कूल , सामने हनुमान मंदिर , रिहायशी क्षेत्र होने के कारण महिलाओं व बच्चों , आसपास शासकीय कार्यालयों के होने के साथ साथ नगर के मुख्य मार्ग गौरवपथ में होने के कारण सभी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । इसके साथ ही शाम 6 बजे से देर रात तक अंग्रेजी शराब लेने वालो की बेतहाशा भीड़ के कारण आवागमन भी प्रभावित हो रहा है । दुकान के सामने सड़क तक इस दौरान काफी संख्या में वाहनों की भीड़ हो जाने से दुर्घटना की भी संभावना बनी रहती है । सबसे दुखद यह है कि दुकान से शराब लेने के बाद कई लोगों को आसपास ही खुले में शराब पीते देखा जा सकता है । पीने के बाद बोतल , गिलास व पाउच सड़क , दुकानों व स्कूल के सामने यत्र तत्र फैला रहता है ।

आम तौर पर शराब दुकान खोले जाने के नियम है जिसका पालन किया जाना आवश्यक होता है किंतु इस अंग्रेजी प्रीमियम शराब दुकान के लिए कोई नियम कानून मान्य नहीं है । अपने राजनैतिक पहुंच का फायदा उठाते हुवे नियम विरुद्ध व जनहित के विरोध के बावजूद दुकानें संचालित की जा रही है ।इस संबंध में विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दूरी संबंधी नियम बनाए गए हैं ।आमतौर पर शराब दुकान निम्न स्थानों से निर्धारित दूरी के भीतर नहीं खोली जा सकती जिसमें स्कूल , कॉलेज , अस्पताल , धार्मिक स्थल (मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि) , छात्रावास , सार्वजनिक संस्थान से कई राज्यों में यह दूरी 50 मीटर, 100 मीटर या उससे अधिक निर्धारित है।छत्तीसगढ़ में भी स्कूल, अस्पताल और धार्मिक स्थलों से दूरी बढ़ाकर 100 मीटर किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

हाईवे (राष्ट्रीय/राज्य मार्ग) नियम के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सामान्यतः राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के किनारे शराब दुकानें प्रतिबंधित की गई थीं। बड़े क्षेत्रों में लगभग 500 मीटर दूरी का प्रावधान रखा गया। छोटे नगरों (20,000 से कम आबादी) जिसमें सरायपाली नगरपालिका भी आ रही है में कुछ मामलों में यह सीमा 220 मीटर तक शिथिल की गई है । नियमत कोई भी शराब दुकानें आवासीय क्षेत्र में प्रतिबंधित किया गया है जैसे घनी आबादी वाले मोहल्लों, कॉलोनियों या विवादित सार्वजनिक स्थानों में दुकान खोलने पर स्थानीय प्रशासन आपत्ति कर सकता है। वहीं शराब दुकान खोले जाने हेतु नगरपालिका , कलेक्टर , पुलिस विभाग की प्रशासकीय स्वीकृति व अनापत्ति रिपोर्ट आवश्यक होती है । नियमत यदि उक्त शराब दुकानों से कानून व्यवस्था बिगड़ती हो,महिलाओं व स्कूल बच्चों को परेशानी हो,ट्रैफिक बाधित होता हो, तो शिकायत पर दुकान हटाई भी जा सकती है । इसी तरह इन शराब दुकानों का यदि जनविरोध होने पर किसी क्षेत्र के नागरिक लिखित विरोध करें और यह सिद्ध हो कि दुकान नियम विरुद्ध खुल रही है या खोली गई है , प्रतिबंधित दूरी नियम टूट रहे हैं, सार्वजनिक शांति प्रभावित हो रही है, तो कलेक्टर, एसडीएम, आबकारी अधिकारी या न्यायालय इस पर कार्रवाई कर सकते हैं। विदित हो कि शराब दुकानें स्कूल , धार्मिक स्थल ,अस्पताल , न्यायालय परिसर ,सरकारी कार्यालयों के निकट , राष्ट्रीय व राज्यों के राजमार्गो व अत्यधिक भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर सामान्यतः आमतौर पर इन स्थानों के पास शराब दुकान खोलने की अनुमति नहीं दी जाती । था स्थल उन सभी शर्तों व नियमों के विरुद्ध होने के बावजूद आबकारी विभाग को यहां दुकान खोले जाने की अनुमति कैसे मिली यह जांच का विषय है । जबकि इस शराब दुकान के आसपास रिहायशी मकान है , बाजू में ही स्कूल है , सामने में हनुमान मंदिर है , आसपास के क्षेत्र में शासकीय कार्यालय है , भीड़भाड़ व सार्वजनिक स्थल है , न्यायालय भी अधिक दूर नहीं है तथा गौरवपथ के किनारे ही यह स्थित है इन शर्तों के विरुद्ध दुकान खुल जाना व संबंधित विभागों द्वारा किस आधार पर अनुमति दी गई के संबंध में सवाल उठाते हुवे कुछ हिन्दू संगठनों व आसपास के लोगों द्वारा इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से किए जाने व अनुमति रद्द किए जाने के संबंध में शिकायत पत्र दिए जाने की बात कही गई है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *