जगदलपुर. जिले के पुनर्वास केंद्र में रह रहे 25 आत्मसमर्पित नक्सलियों को जिला जेल ले जाकर उनके परिजनों से मुलाकात कराई गई। वर्षों बाद परिजनों से मिलते ही कई चेहरों पर भावनाएं साफ झलकती दिखीं। प्रशासन का कहना है कि पारिवारिक जुड़ाव और सामाजिक सहयोग, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है और इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है।
मुलाकात के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। प्रशासन के अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम पर निगरानी बनाए रखी। कई आत्मसमर्पित नक्सली अपने परिवारों के लिए फल, बिस्किट और अन्य आवश्यक सामान भी लेकर पहुंचे, जिसे देखकर परिजन भावुक हो उठे।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह की नियमित पारिवारिक मुलाकातें पुनर्वास प्रक्रिया को मजबूती देती हैं और आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।