गायत्री शक्तिपीठ सरायपाली में मनाया गया स्वामी विवेकानंद जयंती

सरायपाली

दिलीप गुप्ता
सरायपाली:- गायत्री शक्तिपीठ सरायपाली में 12 जनवरी को युवा प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को युवा प्रकोष्ठ गायत्री परिवार सरायपाली द्वारा युवा चेतना दिवस के रूप में श्रद्धा एवं उत्साह पूर्वक मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत आदि शक्ति मां गायत्री एवं स्वामी विवेकानंद जी के पूजन वंदन के साथ हुआ। कार्यक्रम में डॉ. वीरेंद्र कर, डॉ.सब्या चौधरी, राजाराम पटेल, फौजी धर्मेंद्र चौधरी, आचार्य आशीष गौरचरण मिश्र, डॉ.अनिल प्रधान, युवा कवि प्रेमानंद भोई,डॉ.अनिल गुप्ता, डॉ. अनीता चौधरी, युवा प्रकोष्ठ से देवराज प्रधान आदि विद्वान युवा वक्ताओं में स्वामी जी के जीवन दर्शन पर अपने सारगर्भित प्रेरणाप्रद विचार प्रस्तुत किये। डॉ वीरेंद्र कर ने मानवता के लिए ऊषा की किरण जगाने वाले हम सुमधुर गीत के माध्यम से युवाओं को आह्वान करते हुए कहा कि, भारत माता की जय केवल बोलने से नहीं स्वामी जी के जीवन दर्शन को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपना जीवन समर्पित करने से होगा।
फुलझर डिफेंस एकेडमी सरायपाली के डायरेक्टर फौजी भाई धर्मेंद्र चौधरी ने युवा बच्चों को सेनापथ की ओर अग्रसर होकर मां भारती की सेवा करने को प्रेरित किया। नवोदय विद्यालय सरायपाली से डॉक्टर अनिल गुप्ता ने स्वामी जी के जीवन दर्शन को प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से साझा किये। डॉ. सब्या चौधरी सहायक प्राध्यापक ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें स्वामी जी के आदर्श वाक्य उठो जागो और रुको मत जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए पर जोर देते हुए, सन 1893 में शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन मैं स्वामी जी द्वारा अध्यात्म और भारतीय संस्कृति का परचम लहराकर वेदांत को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने की बात कही। आचार्य आशीष गौरचरण मिश्र ने वेद मंत्रोचारण के माध्यम से अपनी बात रखते हुए कहा कि, आज शिक्षा, समाज निर्माण, चरित्र निर्माण, भक्ति के कार्य तो हो रहे हैं, लेकिन वह सही दिशा मैं हो यह विश्लेषण करने की आवश्यकता है। आगे उन्होंने कहा कि हमारे युगदृष्टा पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने भी स्वामी जी की तरह मनुष्य में देवत्व का उदय एवं धरती पर स्वर्ग सा वातावरण लाने की दिशा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। इस अवसर पर डॉ.अनिल प्रधान ने कहा स्वामी जी केवल एक व्यक्ति ना रहे, बल्कि वे एक जागृत आह्वान रहे हैं। वे भारतीय समाज में संस्कृति श्रेष्ठा सिद्धकर्ता रहे हैं। इस संदर्भ में डॉ.अनीता चौधरी ने बताया कि स्वामी जी के द्वारा शिकागो विश्व धर्म सम्मेलन में कहे गए वाक्य मेरे अमेरिकन भाइयों एवं बहनों इन पांच वाक्य से शुरुआत कर किस प्रकार स्वामी जी ने अपने ओजपूर्ण भाषण से विदेशियों की भारत के प्रति सोच को आमूलचूल बदल दिये। युवा वक्ता देवराज प्रधान ने स्वामी जी द्वारा आह्वान किए गए 100 कर्मयोगी युवाओं की बात समझाते हुए कहा कि हमें ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अपने चरित्र के माध्यम से लोगों को प्रेरणा देते हो। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता, गायत्री परिजन, कॉलेज की युवा बहनें उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में राकेश पाणिग्रही, परिव्राजक फूल सिंह बरिहा, प्रकाश कुमार ठेठवार, लक्ष्मी चौधरी, रीना देवता, भोजराज बारिक, रुद्र प्रताप पसायत, रुबिका चौहान, प्रज्ञा यादव, आदि की विशेष भूमिका रही। आभार प्रदर्शन संयोजक ज्योति कुमार ठेठवार शिक्षक तथा कार्यक्रम का संचालन श्री मलिक राम पटेल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहदा ने किया। कार्यक्रम के अंत में गायत्री परिवार के वरिष्ठ परिजन सालिकराम चौधरी का जन्मदिवस संस्कार दीपयज्ञ के माध्यम से किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *